बड़ौत (बागपत)।
बड़ौत-मेरठ मार्ग पिछले कई महीनों से ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। मार्ग जगह-जगह से टूट चुका है। इससे वहां से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के साथ आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसको लेकर लोगों में प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी का बड़ौत-मेरठ मार्ग से सटे लौहड्डा, वाजिदपुर, जौहड़ी, आरिफपुर खेड़ी, माखर, जिवाना, बिनौली, दादरी आदि सहित दर्जनों गांव के ग्रामीणों को भुगताना पड़ रहा है। यह मार्ग जगह-जगह से टूटा पड़ा है। इसमें बने गहरे-गहरे गड्ढे आए दिन हादसों को दावत दे रहे हैं। इससे लोगों को वहां से आवागमन को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासी प्रमोद, धर्मवीर, श्रीपाल, सुभाष, संजीव, कप्तान, अमरपाल, महेंद्र, धर्मेंद्र, ऋषि आदि ने बताया कि मार्ग पूरी तरह से टूट चुका है, पैदल चलना भी दूभर हो गया है। मार्ग में गहरे-गहरे गड्ढे होने के कारण वहां से विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में जाने वाले स्कूली बच्चों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन लोग हादसे के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर फिलहाल व्यस्त चल रहे हैं। चुनाव के बाद प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।