बड़ौत (बागपत)। इलाहाबाद न्यायालय के आदेशों के अनुसार जनता वैदिक कॉलेज के प्राचार्य अब साधारण कार्य ही कर सकेंगे। उनके मेजर डिसीजन के अधिकार पर कोर्ट ने रोक लगा दी है।
जनता वैदिक कॉलेज बड़ौत के प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह तोमर को 26 मार्च 2017 में प्रबंध समिति ने निलंबित कर दिया था। प्राचार्य ने प्रबंध समिति के निर्णय के खिलाफ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति को अपना प्रत्यावेदन दिया था। इस पर कुलपति ने प्रबंध समिति के निलंबन के आदेशों पर स्थगन आदेश दिया था। प्रबंध समिति ने इस निर्णय के खिलाफ इलाहाबाद न्यायालय में याचिका दायर की थी। 3 जुलाई 2017 को कोर्ट ने निर्णय दिया कि प्राचार्य साधारण कार्य कर सकेंगे। लेकिन, मेजर डिसीजन नहीं कर सकेंगे। इस संबंध में प्रबंध समिति के मंत्री योगेंद्र सिंह सोलंकी ने न्यायालय के आदेशों की छायाप्रति भी दी है। वहीं, प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि वे साधारण कार्य करेंगे, लेकिन मेजर डिसीजन के कार्यों को प्रबंध समिति के सम्मुख पेश करेंगे।