बागपत। पहाड़ों में निरंतर हो रही बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। हथिनी कुंड बैराज से यमुना में 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके बाद नदी का जल स्तर बढ़ा है। जल स्तर बढ़ने से किसान भी चिंतित होने शुरू हो गए हैं।
बरसात एक तरफ जहां गर्मी से लोगों को राहत मिल रही है। वहीं पहाड़ों की बारिश ने लोगों के सामने परेशानी खड़ी कर दी है। नदियां उफन गईं हैं। पहाड़ों की बारिश से हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़ा गया है। बैराज से मंगलवार की सुबह 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो बागपत में पहुंच गया है। यदि बारिश नहीं रुकी तो और भी पानी छोड़ा जाएगा।
पानी का स्तर बढ़ते ही यमुना के पक्का घाट और गौरीपुर मोड़ पर पानी देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लगा रहा। यमुना नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ किसानों की भी चिंता बढ़ने लगी है। यदि यमुना में और पानी छोड़ा जाता है तो किसानों की फसल डूब जाएगी। एडीएम पंकज वर्मा का कहना है कि यमुना में बाढ़ को लेकर पहले ही ड्यूटी लगा दी गई है। हालांकि इतने पानी के छोड़ने से किसी तरह की परेशानी नहीं है।