बड़ौत। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से बेटियों के लिए रोजगार की आस दिखाकर ठगी कर ली गई। मामला विभागीय अफसरों के संज्ञान तक पहुंचा तो अफरातफरी मच गई। अफसरों ने ठगी करने वाले गिरोह की धरपकड़ के लिए पुलिस प्रशासन से सहयोग मांगा है।
बड़ौत, बिनौली, छपरौली सहित अन्य ब्लाकों से जुड़ी लगभग 250 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से योजना के नाम पर ठगी की गई है। ज्यादातर महिलाएं निर्धन परिवारों से ताल्लुक रखती हैं। कानपुर, अलीगढ़ के रहने वाले कुछ शातिर लोगों ने बेटियों वाले परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें इस योजना के तहत सरकार से एक से डेढ़ लाख रुपये दिलाने व महिलाओं को भी प्रतिमाह 10 से 12 हजार रुपये मानदेय दिलाने का झांसा दिया। रजिस्ट्रेशन के नाम पर उक्त महिलाओं से 500 से लेकर 1000 रुपये तक वसूल लिए और मोटी रकम वसूलकर चंपत हो गए।
ग्रुप बनाकर महिलाओं को जोड़ा
गिरोह के सदस्यों ने पहले ब्लाकों में जाकर महिलाओं से संपर्क किया और उन्हें योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने अन्य महिलाओं को जोड़ने के लिए प्रतिमाह आठ हजार रूपये मानदेय के रूप में देने का लालच दिया। 100 से अधिक महिला जोड़ने पर 10 हजार रुपये मानदेय देने का वादा किया। महिलाओं की संख्या बढ़ती देख शातिर लोगों ने बेटी पढ़ाओ समिति बागपत के नाम से एक ग्रुप बनाया और महिलाओं को जोड़ लिया। उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 500 से 1000 रुपये वसूले।
ठगी करने वालों ने फोन किया बंद
बड़ौत। श्रद्धा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष खड़खडी गांव निवासी सुमन ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नाम पर समूह से जुड़ी महिलाओं से 80 हजार रुपये की ठगी की गई है। ठगी करने वाले लोगों ने अपना फोन बंद कर लिया। मेघा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी पलड़ी गांव निवासी महिला ललिता ने बताया कि योजना के तहत काम दिलाने की बात कहकर प्रति माह 10 हजार रुपये मानदेय दिलाने का झांसा देकर 50 से अधिक महिलाओं से एक से डेढ़ लाख रुपये की ठगी की गई है। लक्ष्मी समूह से जुड़ी पलड़ी निवासी ओमवती ने बताया कि कुछ लोगों ने बेटियों को रोजगार दिलाने के नाम पर महिलाओं से ठगी की है।
पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी
डीसी ब्रजभूषण सिंह ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने महिलाओं से बिना सोचे-समझे किसी को भी रुपये न देने की अपील की। उधर, सीओ सविरत्न गौतम का कहना है कि महिलाओं से ठगी बर्दास्त नहीं की जाएगी। लिखित शिकायत प्राप्त होते ही जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।