बड़ौत (बागपत)। राजस्थान का बाड़मेर जिला, जो हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बार्डर पर स्थित है, वहां के कस्बा बायतू क्षेत्र की छात्राएं जौहड़ी राइफल क्लब पर निशानेबाजी का अभ्यास करने पहुंची हैं। छात्राओं ने कहा निशानेबाजी सीखकर वह देश के लिए खेलकर नाम रोशन करना चाहती हैं और आवश्यकता पड़ी तो देश के लिए लड़ने को भी तैयार रहेगीं, क्योंकि वह पाकिस्तान के बार्डर पर रहती हैं।
कस्बा बायतू में स्थित कन्या विद्यालय की छात्रा सुनीता, दुर्गावती, ममता, पंकज चौधरी, भगवती, सुमन, गुड्डी, गायत्री, अंचली और हीना ने बताया कि मां-बाप और भाई ने अखबार में पढ़ा था कि उत्तर प्रदेश, बागपत के जौहड़ी राइफल क्लब पर निशानेबाजी सिखाई जाती है, तुम भी सीख लो, बड़ी निशानेबाज बन जाओगी तो देश के लिए विदेशों में खेलोगी और रोजगार भी मिल जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो देश के लिए पड़ोसी देश से लड़ भी लेना। छात्राओं ने बताया कि उन्हें सलाह पसंद आई और वह लगभग 800 किमी दूर से निशानेबाजी सीखने के लिए जौहड़ी राइफल क्लब (बीपी सिंहल शूटिग रेंज) पर आ गई और अभ्यास भी शुरू कर दिया। छात्राओं ने बताया कि वह देश के लिए खेलेंगी और मौका मिला तो देश के लिए लड़ेंगी।
देश के लिए करेंगी बेटियां
छात्राओं के साथ आए परिजन बायतू कस्बा निवासी पुनमाराम, भाड़का गांव निवासी मीरा देवी और कोलू गांव निवासी रेखा राम ने बताया कि जमाना बदल रहा है। इसलिए वह बेटियों को ऐसा बनाना है, जिससे वे देश के लिए कुछ कर सकें। राजस्थान के केबिनेट मंत्री हरीश चौधरी बेटियों को निशानेबाजी सिखाने में मदद कर रहे हैं।
राजस्थान में देंगी प्रशिक्षण
जौहड़ी राइफल क्लब के संस्थापक डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि राजस्थान के बाड़मेर जिले की बेटियों में इतनी ललक निशानेबाजी सीखने की है कि वे यहां खुद चलकर आई हैं। साईं कोच नीतू श्योरान ने बताया कि दसों छात्राओं को इतना प्रशिक्षण दे दिया जाएगा कि वे अपने वहां दूसरी छात्राओं को निशानेबाजी का अभ्यास करा सकें।