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संघर्ष में तपकर कुंदन बना सौरभ चौधरी

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बिनौली (बागपत)। वीर शाहमल राइफल क्लब के निशानेबाज सौरभ चौधरी किसान परिवार में जन्में और संघर्ष में तपकर कुंदन बनें। सिर्फ चार साल में सौरभ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित कर दिखाया और अब वह टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करता नजर आएगा। 16 साल का यह निशानेबाज देश के सैकड़ों खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।
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सौरभ चौधरी के हिस्से में पहली बड़ी कामयाबी आई थी साल 2015 में आयोजित 59वीं नेशनल चैंपियनशिप नई दिल्ली में। यूथ वर्ग में स्वर्ण और जूनियर में कांस्य पदक जीतकर सौरभ ने सुर्खियां बटोरी। इसके बाद पिछले चार साल से सौरभ ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक के बाद एक पदक सौरभ की झोली में आते चले गए। 16 साल के सौरभ चौधरी का कॅरियर सिर्फ चार साल का है और वह अब तक तीन विश्व रिकॉर्ड बना चुका है। पिछले वर्ष पालेमबांग एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते, जबकि पिछले वर्ष ही जूनियर वर्ल्ड कप की व्यक्तिगत स्पर्धा, टीम स्पर्धा और मिक्सड स्पर्धा में सौरभ ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। यहीं से एशियाई खेलों के लिए सौरभ की दावेदारी मजबूत हो गई । अब आईएसएसएफ विश्व कप में सौरभ ने सोने पर निशाना लगाकर टोक्यो का टिकट पक्का कर लिया है। मेरठ के कलीना से बागपत के बिनौली तक रोजाना टैंपो में सफर तय किया।


सौरभ की कामयाबी का सफर :
59वीं नेशनल चैंपियनशिप नई दिल्ली 2015 के यूथ वर्ग में स्वर्ण और जूनियर में कांस्य पदक।
16वीं केएसएस शूटिंग चैंपियनशिप केरल-2016 के यूथ वर्ग में स्वर्ण पदक।
26वीं शूटिंग चैंपियनशिप चेक गणराज्य 2016 के जूनियर वर्ग में टीम वर्ग का कांस्य पदक।
आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2016 में टीम वर्ग का रजत पदक।
नौंवी एशियन एयर गन चैंपियनशिप तेहरान 2016 में व्यक्तिगत में रजत और टीम वर्ग में स्वर्ण पदक।
27वीं शूटिंग प्रतियोगिता चेक गणराज्य 2017 के जूनियर वर्ग में व्यक्तिगत में कांस्य और टीम वर्ग में गोल्ड।
आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप सुहल के जूनियर वर्ग में गोल्ड मेडल।
10वीं एशियन एयर गन चैंपियनशिप 2017 के यूथ वर्ग में व्यक्तिगत और टीम वर्ग में गोल्ड।
61वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप केरल 2017 में व्यक्तिगत जूनियर में गोल्ड और यूथ वर्ग में सिल्वर।
केएसएस शूटिंग चैंपियनशिप नई दिल्ली-2017 के यूथ और जूनियर वर्ग में सिल्वर।
खेलो इंडिया स्कूल गेम नई दिल्ली-2018 के यूथ वर्ग में स्वर्ण पदक।
जूनियर विश्व कप जर्मनी 2018 के जूनियर वर्ग की व्यक्तिगत, टीम और मिक्सड में स्वर्ण पदक।
28वीं चैंपियनशिप चेक गणराज्य-2018 के व्यक्तिगत में स्वर्ण और टीम वर्ग में सिल्वर।
एशियाई खेल जकार्ता में स्वर्ण पदक
आईएसएसएफ विश्वकप दिल्ली स्वर्ण पदक, ओलंपिक कोटा


निशानेबाजी का गढ़ बना बिनौली
वीर शाहमल राइफल क्लब पर सीमित साधनों में अभ्यास
बिनौली (बागपत)। निशानेबाजी का नया केंद्र अब बिनौली बन गया है। वीर शाहमल राइफल क्लब बिनौली का नाम अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकने लगा है। क्लब ने करीब सात साल के सफर में उदीयमान निशानेबाज तैयार किए हैं। रेंज पर संसाधन और सुविधाएं सीमित है, इसके बावजूद मेहनत के बलबूते खिलाड़ी पदक झटक रहे हैं।
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जौहड़ी गांव के अमित श्योराण ने बिनौली में सात साल पहले वीर शाहमल राइफल क्लब की शुरूआत की। सात बीतते गए और बिनौली का नाम चमकना शुरू हो गया। वर्तमान में रेंज पर 35 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। सभी युवा खिलाड़ी देहात से आकर पसीना बहाते हैं। ईंटों के सहारे हाथों को मजबूत करते हुए यहां देखा जा सकता है। अभ्यास, ध्यान और लक्ष्य के प्रति समर्पण खिलाड़ियों को सिखाया जा रहा है। सौरभ चौधरी ने पहले एशियाई खेलों और अब आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतकर बिनौली को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां दी हैं। कोच अमित श्योराण कहते हैं कि सौरभ जैसे ही कई खिलाड़ी हैं, जो आने वाले सालों में पदक जीतेंगे और देश का नाम रोशन करेंगे। कोच स्वीकार करते हैं कि संसाधन सीमित है, लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की मेहनत के दम पर कामयाबी मिल रही है।
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