बड़ौत (बागपत)।
अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित खबर नवनियुक्त सचिवों को आवंटित नहीं हो रहेे गांव से विभागीय अफसरों मेें अफरातफरी मच गई। खबर का संज्ञान लेते हुए आखिरकार नवनियुक्त सचिवों को गांव मिल गए। बीडीओ ने सचिवों को नियमित रूप से गांव जाने के निर्देश दिएं है।
शासन से नवनियुक्त सचिवों का दिल्ली रोड स्थित ग्रामोद्योग प्रशिक्षण संस्था पर 15 दिन का प्रशिक्षण दिया। 10 अक्तूूबर को सभी का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। अधिकांश सचिवों को गांव मिल गए, लेकिन बड़ौत ब्लाक पर आए नौ सचिव को गांव नहीं मिले । गांव न मिलने के कारण या तो सचिव पूरे दिन ब्लाक पर बैठे रहते थे, या फिर नगर मेे इधर उधर घूमकर अपना समय व्यतीत करते थे। उधर जो सचिव एक-दो साल से ब्लाक पर पहले से ही तैनात थे, उन पर एक साथ कई कई गांव का जिम्मा था। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो विभागीय अफसरों में अफरातफरी मच गई। खबर का संज्ञान लेते हुए नवनियुक्त सचिवों को गांव आवंटित किए। गांव आवंटित होते ही बीडीओ प्रेम चंद ने सभी को नियमित रूप से गांव में जाने के निर्देश दिए। लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
सचिव गांव
पूजा तोमर बाम, बड़ावद
विकुल कासिमपुर खेड़ी, जौहड़ी, इदरीशपुर
रोहित खोखर सिनौली, लोयन, मलकपुर
सचिन कुमार अंगदपुर, आरिफपुर खेड़ी
राहुल तोमर शबगा, कोताना, हिलवाड़ी
भूपेंद्र सिंह बिजरौल, वाजिदपुर, जलालपुर
प्रिस जैन लौहड्डा, गुराना, बड़का
रेशु कंडेरा, जिवानी, बावली
सुनीता किशनपुर, बिराल
विकास राठी महावतपुर, रूस्तमपुर
संजय खोखर जागोस, चौबली, बोहला, ओढ़ापुर
राहुल कुमार बड़ौली, लुहारी
संजीत कुमार फतेहपुर चक, बूढ़पुर
अवनीश अलालवपुर, औसिक्का
सैंकी जौनमाना, ढ़िकाना
दीपा खड़खड़ी
लोकेंद्र राठी बरवाला, जिवाना
हिमांशु राठी थल, माजरा
दीपक कुमार छतरपुर, गूंगा खेड़ी