बागपत। ग्राम विकास-ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति ने डीएम को आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें विभागीय अधिकारियों पर ही आरोप लगाए। विकास कार्य प्रभावित होने की बात कही। डीएम से कार्रवाई की मांग की।
बृहस्पतिवार को समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारी डीएम दफ्तर पहुंचे। डीएम को शिकायत कर बताया कि तकनीकी स्वीकृति अवर अभियंता, अधिशासी अभियंता ओर से उच्च तकनीकी अधिकारियों द्वारा ही पूरी कार्रवाई के बाद भुगतान किया जा रहा है। तकनीकी खामियां मिलने पर प्रधान और सचिव पर कार्रवाई होती है। ऐसे मामले में उक्त अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए। निलंबित चल रहे ग्राम विकास अधिकारियों को बहाल किया जाए। बिना शपथपत्र दिए शिकायतों पर प्रधान की जांच हो रही है। जबकि एक्ट के अनुसार उनके द्वारा निर्धारित जिला स्तरीय अधिकारी ही इसकी जांच कर सकते हैं। ऐसी परंपरा पर रोकी जाए। निर्माण कार्यों की स्टीमेट गठन के बाद तकनीकी स्वीकृति और प्रशासनिक स्वीकृतियां देने में अनावश्यक विलंब और अवरोध पैदा किया जा रहा है। मनमाने तरीके से स्वीकृतियां दी जाती है, इस पर रोक लाए। सीडीओ और डीपीआरओ द्वारा दो बजे से आठ बजे तक साप्ताहिक समीक्षा बैठक ले रहे है। मासिक बैठकों में समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। इसमें जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार, कृष्ण कुमार तोमर, रवि कुमार, प्रेम कुमार अन्य मौजूद रहे।