बड़ौत (बागपत)।
फूंके विद्युत ट्रांसफार्मर के बदले नए विद्युत ट्रांसफार्मर न मिलने से आक्रोशित कई गांवों के किसानों ने मंगलवार को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित सीटीआर वर्कशाप पर पहुुंचकर हंगामा किया। इस दौरान उनकी विद्युत कर्मचारियों से नोकझोंक हुई। किसानों ने कहा उन्हें समय पर ट्रांसफार्मर नहीं मिलता, यदि मिल भी जाता है तो बीच रास्ते मेें ठेकेदार ट्रांसफार्मर से तेल निकाल लेते हैं। इससे ट्रांसफार्मर नलकूप पर रखते ही दोबारा से फूंक जाता है। उन्होंने समस्या का समाधान कराने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
मंगलवार को किरठल, वाजिदपुर, टीकरी, रंछाड़ आदि गांव के काफी संख्या मेें किसान सीटीआर वर्कशाप पर पहुंचे और ट्रांसफार्मर न मिलने पर हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने कहा उनके 63 व 100 केवीए के फूंके विद्युत ट्रांसफार्मर पिछले 10 से 15 से सीटीआर वर्कशाप पर जमा है, लेकिन लगातार चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें ट्रांसफार्मर नहीं दिए जा रहे हैं। आरोप लगाया कि यदि किसी किसान को मशक्कत के बाद ट्रांसफार्मर मिल भी जाता है तो बीच रास्ते मेें ट्रांसफार्मर को लाने वाले ठेकेदार उसमेें से तेल चोरी कर लेते हैं। जिस कारण ट्रांसफार्मर नलकूप पर लगाकर दोबारा से फूंक जाता है। लगातार इस प्रकार की मनमानी विभागीय अफसरों व ठेकेदार की मिलीभगत से की जा रही है। लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आक्रोशित किसानों ने कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंचे अवर अभियंता बद्रे आलम ने उन्हें समझा बुझाकर शांत किया। एसडीओ प्रवेश गिरी ने कहा अभी ट्रांसफार्मर का अभाव चल रहा है, जिस कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। तेल निकालने की शिकायत की जांच कर कार्रवाई होगी। इनमें सुधीर, राजीव, रूपेश, प्रवीण, छत्तर सिंह, विनोद, सुधीर, प्रमोद आदि रहे।