बड़ौत (बागपत)।
निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) एवं राष्ट्रीय निषाद एकता के संयुक्त तत्वावधान में कार्यकर्ता तहसील में पहुंचे और विभिन्न समस्याओं को धरना-प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा मछुआरों सहित देश को आजाद कराने वाले वंचित समाज के लोगों की संख्या 60 प्रतिशत हैं। निषादों के खड़ा होने के बाद जिन्हें अब तक सत्ता का सुख नहीं मिला है, वे सभी निषाद पार्टी के विचारों से सहमत हैं। पार्टी ने पहली बार उप्र के 2017 विधानसभा चुनाव में लगभग 6 लाख वोट हासिल किए। एक सीट पर चुनाव जीता और दर्जनों सीटों पर दूसरे स्थान पर रही। लोकसभा उप चुनाव में जो पार्टी आरक्षण व अधिकार देने की बात करेगी, उसके साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। धरने के माध्यम से चेतावनी दी वैसे भाजपा राम का नाम लेती है, पर निषाद राज का नाम नहीं लेती है, जबकि निषाद राज राम से बड़े थे। उन्होंने ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इनमें सुभाष चंद कश्यप, सुरेश कश्यप, नरेंद्र, हरपाल, ओमपाल आदि रहे।