बागपत। लखनऊ से लेकर जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने मई तक महिला अस्पताल को शुरू कराने के लिए हाईकोर्ट में शपथ पत्र दिया। हाईकोर्ट ने सीएमएस को समय समय पर अस्पताल को शुरू कराने की जिम्मेदारी दी।
करोड़ों की लागत से महिला अस्पताल बना दिया, लेकिन उसे सुचारू नहीं किया। भवन इस्तेमाल न होने के कारण जर्जर होने लगा है। बाल अधिकार संरक्षण कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने इसके लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। सुनवाई में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ओर से जिला अस्पताल के सीएमएस सहित हिंदुस्थान लेटेक्स कंपनी के अफसर को तलब किया । प्रमुख सचिव और कंपनी अधिकारी ने शपथ पत्र जमा दाखिल किया। आश्वासन दिया कि मई तक अस्पताल को शुरू करा दिया जाएगा। एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. दलीप बाबा साहब भौंसले और सुनील कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई कर समय समय सीमा पर महिला अस्पताल को शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएमएस को इसकी जिम्मेदारी दी। पवन तिवारी ने बताया कि इस मामले में शिशिर कुमार तिवारी और अतुल पांडेय पैरवी कर रहे हैं।