बागपत। निकाय चुनाव में नजदीकी हार जीत के मुकाबले में निरस्त मतों की निर्णायक भूमिका रही। छपरौली में जीत-हार के बीच का अंतर सिर्फ आठ वोट का रहा। यहां कस्बे की 427 वोट खारिज हुई। खारिज वोट किसके खाते में जाती, अब इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं।
बैलेट पेपर पर सही तरीके से मोहर नहीं लगाए जाने या प्रपत्र को सही तरीके से मोड़कर पेटी में नहीं डाले जाने पर वोटों को खारिज कर दिए जाने का प्रावधान है। प्रत्याशियों की हार जीत के अंतर और खारिज मतों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा रोचक छपरौली का चुनाव रहा। यहां 427 वोट रद्द हुए, जबकि हार जीत सिर्फ आठ मत से हुई। अग्रवाल मंडी टटीरी में हार जीत का अंतर सिर्फ 411 वोट का रहा और यहां भी 385 वोट खारिज हुई और दस लोगों ने नोटा पर ही मुहर लगा दी। बागपत की आठ निकाय में कुल 4564 वोट खारिज हुए, इनमें सबसे ज्यादा मत बड़ौत के हैं।
निकाय कुल वोट मतदान निरस्त नोटा
बागपत 37100 24696 896 58
बड़ौत 81812 49140 1340 56
खेकड़ा 32357 23187 675 112
टटीरी 11326 8860 385 10
छपरौली 15508 11045 427 04
दोघट 11999 9318 297 11
टीकरी 11666 7935 341 33
सराय 7465 3355 203 01
जितने मत निरस्त हुए, उतने तो किसी को मिले भी नहीं
बागपत। आठ निकाय में अध्यक्ष पद के लिए पड़े कुल मतों में से 4564 मत निरस्त हो गए। जितने मत निरस्त हुए उतने तो नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के किसी भी विजेता उम्मीदवार को नहीं मिले।