बागपत। डायबिटीज के मामले शहरों से लेकर गांव तक तेजी से बढ़ रहे हैं। इसमें युवाओं और बुजुर्गों की संख्या शामिल है। बच्चों में डायबिटीज बढ़ी है। डॉक्टर कहते हैं कि सबसे बड़ी वजह गलत दिनचर्या, खानपान के चलते लोग चपेट में आ रहे हैं। बच्चों के खाने - पीने को लेकर ध्यान रखना चाहिए। अभिभावक इस पर नजर रखें।
सीएचसी में मेडिकल ऑफिसर विकास बताते हैं कि 30 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए। अधिक वजन वालों को भी डायबिटीज की जांच करानी चाहिए। यदि किसी के परिवार में डायबिटीज है तो उसको अपनी जांच जरूर करानी चाहिए। डायबिटीज का नाम सुनते ही लोगों को टेंशन होनी शुरू हो जाती है। अधिकतर घरों में मरीज बढ़ रहे हैं। यदि किसी स्वस्थ व्यक्ति का वजन एकाएक बढ़ रहा है और आंखों की रोशनी कम हो जाती है, तो जांच कराएं। पिलाना सीएचसी के अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने कहा मधुमेह घातक बीमारी है। सुरक्षित खानपान और शारीरिक मेहनत से ही इस रोग से बचा जा सकता है। कसरत करने से बीमारी दूर होगी। अपनी दिनचर्या को नियमित करें।
डायबिटीज के लक्षण
- लगातार आंखों की रोशनी कम होना
- अधिक प्यास, बार-बार पेशाब आना
- रोग होने से शरीर का वजन बढ़ना
- रोग होने पर मीठा खाने के लिए मन करना
- चोट लगने पर लंबे समय से सही न होना
- दिल, गुर्दे, नश और ब्रेन पर असर होता है
- शारीरिक कमजोर भी होने लगता है
इनसेट
नींद पूरी लें, तनाव से दूर रहें
डायबिटीज से बचने के लिए लोगों को वसा युक्त भोजन नहीं करना चाहिए। व्यायाम और खानपान में परिवर्तन करने से इसे रोग से बचा जा सकता है। मीठे से परहेज करना चाहिए। रोग के लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से इसकी जांच कराकर उपचार कराएं। चिकनाई के युक्त भोजन का काम सेवन करें, मिठाई और अन्य मीठी चीजें कम खाएं, नियमित रूप से व्यायाम करें, सात किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलें, नींद पूरी लें और तनाव से दूर रहना चाहिए।