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32 घंटे बरसे बादल, पांच साल का रिकॉर्ड टूटा

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बागपत। क्षेत्र में रूक-रूककर करीब 32 घंटे तक हुई बरसात के कारण जन जीवन अस्त हो गया। अब तक करीब 106.5 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई है। बरसात ने सितंबर माह में पिछले पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वर्ष 2013 में 85.5 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई थी। देहात में गलियां तालाब बन गई। बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रंछाड़ में मकान गिरने से दंपति घायल हो गए। रटौल में एक पुराने मकान की दीवार गिर गई।
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शुक्रवार की रात और शनिवार को दोपहर तीन बजे तक रुक-रुककर बरसात होती रही। पिछले करीब 32 घंटे से हो रही बरसात से जन जीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। शनिवार को अधिकतर स्कूलों में बच्चों की संख्या बेहद कम रही। लगातार बारिश होने के कारण स्कूल की सुबह 11 बजे ही छुट्टी कर देनी पड़ी। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार वर्ष 2013 के सितंबर माह में 85.5 मिमी बरसात हुई थी, इसके बाद पिछले दो दिन से अब तक करीब 106.5 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई है। लूंब, रटौल, नौरोजपुर, मलकपुर समेत देहात क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण गलियां तालाब बन गई। इस कारण ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। छपरौली क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जो दोपहर बाद ही सुचारु हो सकी। चांदीनगर, खेकड़ा और अमीनगर सराय में भी बिजली सप्लाई बाधित रही। रटौल में एक पुराने मकान की दीवार गिर गई, हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।


सितंबर माह में ऐसे बरसे बदरा
वर्ष बारिश
2009 13 मिमी
2010 22.3 मिमी
2011 35 मिमी
2012 शून्य मिमी
2013 85.5 मिमी
2014 37.4 मिमी
2015 51.8 मिमी
2016 22.8 मिमी
2017 106.5 मिमी


गौरीपुर मोड़ पर वाहन फंसे, झेली मुसीबत
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित गौरीपुर मोड़ पर जलभराव के कारण वाहन फंस गए। यहां चल रहा पैच वर्क रोक देना पड़ा। दुपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। दुपहिया वाहनों को यहां से बामुश्किल निकाया गया। उधर, दिल्ली-मेरठ हाईवे स्थित नया गांव हमीदाबाद में जलभराव से जाम की स्थिति बन गई। चांदीनगर के बंथला मार्ग पर जलभराव हो गया। मार्गों पर जलभराव से वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ।
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बाजार सूने, लोगों ने मनाया रैनी डे
बागपत। लगातार हो रही बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों का आवागमन थम गया। दुकानों पर ग्राहक नहीं दिखे। सरकारी दफ्तर भी सूने रहे, यहां जलभराव की स्थिति भी रही। लोग अधिकतर समय घरों में ही रहे। अधिकांश लोगों ने रैनी डे मनाया । तापमान गिरने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।


सरसों की बुआई की तैयारी करें किसान
बागपत। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि जो खाली खेत हैं, इनमें किसान सरसों की बुआई कर सकते हैं, लेकिन यदि लगातार बारिश होती रही तो आलू की बुआई पिछड़ सकती है। बारिश से ईख की फसल को लाभ होगा। किसानों को सलाह दी वे बेवजह अब फसलों की सिंचाई न करें।

बारिश से जलभराव, मुश्किल मेें ग्रामीण
दोघट / दाहा । दोघट, टीकरी, निरपुड़ा, भड़ल, दाहा, धनौरा, पुसार, कान्हड़, पलड़ी, पलड़ा, मुलसम, शाहजहांपुर, नंगला कनवाड़ा, फौलादनगर, मिलाना, खपराना, नंगला भगवानपुर, आदमपुर, इदरीशपुर, बामनौली सहित क्षेत्र के तमाम गांवों में बारिश का पानी जमा हो गया है। सभी रास्तों पर घुटने तक पानी भरा हुआ है। लोगों के घरों में पानी घुसने से अंदर रखा सामान खराब हो गया है। बस स्टैंडों पर पानी भरने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बारिश ने किसानों को भी परेशानी में डाल दिया है। पककर तैयार खड़ी धान की फसल लोटपोट हो गई है।

बरसात के कारण देरी से पहुंची ट्रेन
अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। बरसात के कारण दिल्ली-सहारनपुर रूट पर चलने वाली पैसेंजर ट्रेन देरी से स्टेशन पर पहुंची। हरिद्वार से दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन 54476 का बागपत रोड स्टेशन पहुंचने का समय दोपहर दो बजकर दो मिनट है, लेकिन यह ट्रेन करीब एक घंटे बाद पहुंची। दिल्ली से सहारनपुर जाने वाली ट्रेन 51911 भी एक घंटे देरी से पहुंची। यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

धान की फसल को मिली संजीवनी समान बारिश
बड़ौत (बागपत)।
पिछले दो दिन से हो रही बारिश से धान की फसल को संजीवनी मिल गई है। बारिश से फसलों के साथ किसानों के भी चेहरे खिल गए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूर्वांचल के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों पहले से बरसात शुरू हो गई थी। जिले में शुक्रवार की सुबह बारिश शुरू हुई। आगे कुछ दिनों तक यह सिलसिला रूक-रूक कर जारी रहने की संभावना है। बारिश से मौसम भी नरम हो गया। मौसम के बदलाव के साथ लिहाजा बारिश से प्राप्त नमी अपेक्षाकृत अधिक समय तक टिकी रहेगी । दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राजकीय बीज भंडार पर तैनात एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान ने बताया धान की फसल के लिए यह बारिश वरदान लेकर आई है। अक्तूबर माह में दलहन और तिलहन की बोआई के लिए किसान अपने खेत भी तैयार कर सकता है।

जलभराव के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा
बड़ौत (बागपत)।
जलभराव के विरोध में शनिवार को हिलवाड़ी और बावली गांव के ग्रामीणों ने ब्लाक पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। विभागीय अफसरों के न मिलने पर ग्रामीण मायूस लौट गए।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव मेें पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिस कारण ग्रामीणों को वर्षों से जल भराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। आलम यह है कि हल्की बरसात में भी गांव की गलियों में एक से दो फूट तक गंदा पानी भर जाता है। इस दौरान विभागीय अफसरों के न मिलने पर ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी दी। बीडीओ प्रेमचंद का कहना था कि अधिकांश तालाबों पर असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर रखा है, पुलिस प्रशासन से मदद मांगी जा रही है, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा है। मौके पर सोहनवीर, चंद्रवीर, अशोक, राज सिंह, नैन सिंह, ओमपाल, नीरज, गुलाब, सुरेश शामिल रहे। उधर झूंडपुर गांव के ग्रामीणों ने भी पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने पर प्रदर्शन किया। कहा कि स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों को प्रतिदिन जल भराव व गंदगी से गुजरना पड़ रहा है। लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

बरसात से मकान गिरा, एक घायल
बड़ौत (बागपत)।
बारिश के कारण रंछाड़ गांव मेें एक महिला का मकान ढह गया। जिसके मलबे के नीचे दबकर एक युवक घायल हो गया। पार्वती रंछाड़ गांव की रहने वाली है। उसके पति देवेंद्र की बुखार के चलते मौत हो गई थी। गत रात्रि में बारिश के चलते पार्वती का मकान अचानक ढह गया। पार्वती का भतीजा राहुल मकान के मलबे के नीचे दबकर घायल हो गया। जबकि पार्वती की सास राजवती और अन्य ने भागकर जान बचाई। शोर मचाने पर लोग एकत्रित हो गए और किसी तरह राहुल को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। ग्रामीणों ने पीड़ित के लिए प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
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