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संस्कार के बिना मनुष्य का जीवन पशु समान : पंडित राकेश

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अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। कस्बे की अग्रवाल धर्मशाला में चल रही श्रीराम कथा में भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम जन्म की कथा का वर्णन किया। इसमें कथा वाचक राकेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि श्रीराम का जन्म मतलब है संस्कारों का प्राकृत्य होना। जब तक मनुष्य के अंदर संस्कार नहीं होते तब तक वह एक पशु के समान होता है। प्रभु श्रीराम ने संसार को बताया कि हमें संस्कार प्राप्त करने के लिए गुरू की शरण में जाना चाहिए। गुरू के बिना कोई भी संस्कारी नहीं बन सकता है। एक बार मुंह से बनवास की बात निकलते ही वनों में चले जाना संस्कार का ही उदाहरण है। व्यक्ति समाज में सम्मान तो चाहता है पर संस्कारित नहीं होना चाहता है। श्रीराम का जीवन समस्त जगत के प्राणियों के लिए प्रेरणादायक है। इसमें प्रेमशंकर शर्मा, पूर्व चेयरमैन शकुंतला देवी, रामकुमार, मुकेश शर्मा, दिनेश वर्मा, सुभाष सक्सेना, सत्यवीर सिंह, नरेश कुमार, राधे श्याम गर्ग, माधेराम गर्ग, गजराज शर्मा, मंगल सैन गर्ग, अतुल गोयल आदि मौजूद रहे।
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हर जगह हो रहा महिलाओं का अनादर : मीरा
अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। कस्बा स्थित निरंकारी सत्संग भवन में बृहस्पतिवार को सत्संग का आयोजन किया। इसमें कथा वाचक मीरा बहन ने कहा कि आज पूरी दुनिया में महिलाओं का अनादर हो रहा है। उन्होंने कहा कि रावण ने माता सीता का अपहरण और दुर्योधन ने द्रोपदी का अपमान किया, इसका परिणाम सब जानते हैं। महिलाओं पर जब-जब अत्याचार हुआ है तभी व्यक्ति विनाश की तरफ बढ़ा है। इस दौरान गंगा सागर, मांगेराम, पीतम, जयपाल, बाबूराम, कृष्णा, सुदेश, बीता, अनिता, मंजू, प्रताप सिंह निरंकारी आदि मौजूद रहे।
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