बड़ौत (बागपत)।
कोताना रोड स्थित एक स्कूल में बिना स्टीमेंट तैयार किए दर्जनों विद्युत पोल लगाने के मामले में एसई द्वारा बैठाई गई जांच के बाद दलालों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान स्कूल संचालक द्वारा खरीदे गए पोल का बिल दिखाने पर उन्हें निर्दोष साबित कर दिया , जबकि सरकारी विद्युत पोल लगाने वाले दलालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। वहीं सरकारी खंभों को स्टोर भेजने के आदेश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि एक्सईएन प्रथम कार्यालय में सक्रिय दलालों ने कोताना रोड स्थित एक स्कूल संचालक और निगम को लाखों का चूना लगाते हुए स्कूल संचालक से लाखों रुपये ऐंठ उन्हें प्राइवेट पोल की जगह सरकारी पोल थमा दिए। उपभोक्ताओं की शिकायत पर अमर उजाला ने इस प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो विद्युत निगम के अफसरों सहित दलालों में हड़कंप मच गया था। मामले को गंभीरता से लेकर एसई रामबीर सिंह ने अधिशासी अभियंता प्रथम राहुल शर्मा को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के आदेश दे दिए। सोमवार को अधिशासी अभियंता प्रथम राहुल शर्मा ने अवर अभियंता आलोक कुमार से प्रकरण की जांच कराई तो जांच में स्कूल संचालक ने खरीदे हुए प्राइवेट पोल का बिल दिखाया। जबकि सरकारी खंभे कहां से आए अनभिज्ञता जतायी। इसके आधार पर उन्हें निर्दोष साबित कर दिया। जबकि स्कूल संचालक और विद्युत निगम के अफसरों की बिना अनुमति के सरकारी विद्युत पोल लगाने वाले दलालों को दोषी ठहराया। उक्त दलालों के नाम पता किए जा रहे हैं। इसके बाद उनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई होगी। इस संबंध में एसई रामबीर सिंह ने कहा जांच में स्कूल संचालक ने खरीदे गए प्राइवेट पोल का बिल दिखा दिया है। इसमें उनकी कोई गलती नहीं है, लेकिन जिन दलालों ने बिना विभाग और स्कूल संचालक की अनुमति बगैर विद्युत पोल वहां पर लगाएं हैं, उनके नाम पता कर कठोर कार्रवाई होगी। साथ ही सरकारी विद्युत पोल को वहां से स्टोर भेजा जाएगा।