बागपत। गणतंत्र दिवस पर बिजरौल ग्राम पंचायत के भवन पर तिरंगा नहीं फहराए जाने की जांच में नया मोड़ आ गया है। ग्राम सचिव ने लिखित में दिया कि भवन जर्जर हालत में है। यदि ग्रामीणों को एकत्र कर तिरंगा फहराया जाता तो भवन के गिरने का खतरा था। इस स्पष्टीकरण पर मुख्यमंत्री कार्यालय से नाराजगी जताई गई। जांच दोबारा कराने के निर्देश दिए हैं और यह पूछा गया यदि भवन जर्जर था तो इसे अब तक क्यों नहीं गिराया गया।
पिछले माह गणतंत्र दिवस पर बिजरौल गांव के ग्राम पंचायत के भवन पर तिरंगा झंडा नहीं फहराने की शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ से की । ग्रामीण बिजेंद्र सिंह ने कहा ग्राम सचिव ने गणतंत्र दिवस की अनदेखी की है। मुख्यमंत्री कार्यालय से डीएम तक मामला पहुंचा। डीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि प्रकरण की जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत बड़ौत को सौंपी । जांच अधिकारी ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान के साथ जांच करने गांव में पहुंचे। ग्राम सचिव ने लिखित में अवगत कराया है कि ग्राम पंचायत का भवन जर्जर हालत में होने की वजह से यहां पर कार्यक्रम आयोजित नहीं कराया । यदि तिरंगा फहराया जाता तो भवन के गिरने का खतरा था। डीपीआरओ ने यह रिपोर्ट डीएम को भेजी और यहां से यह स्पष्टीकरण मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस पर नाराजगी जताई है। जांच दोबारा किसी सक्षम अधिकारी से कराने के लिए कहा। इसके अलावा यह पूछा गया है यदि भवन जर्जर था, तो इसे अब तक क्यों नहीं गिराया गया। यहां पर होने वाली बैठकों का ब्योरा भी तलब किया है। बिजरौल के अलावा बावली गांव में भी तिरंगा नहीं फहराने की शिकायत की गई थी।