बागपत। सिपाही अंकित तोमर की शहादत पर हर आंख नम है। इत्तेफाक देखिए...जिस लिलौन गांव में पांच साल पहले वह सेहरा बांधकर गया था, उसी गांव से होते हुए तिरंगे में लिपटा शव गुजरा। परिजनों की आंखें नम हुई। यहां भी श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
वाजिदपुर का अंकित तोमर साल 2011 में यूपी पुलिस में भर्ती हुआ । इसके अगले ही साल 11 फरवरी 2012 को उसकी शादी लिलौन की नेहा के साथ हुई। वक्त का अजीब खेल है। जिस गांव में अंकित कभी सेहरा बांधकर पहुंचा था और ससुरालियों ने पलक पावड़े बिछाए थे, बृहस्पतिवार को वह फिर उसी गांव से गुजरा, लेकिन इस बार उसका पार्थिक शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ था। पत्नी और बच्चों के अलावा लिलौन स्थित ससुराल के अधिकतर लोग वाजिदपुर में मौजूद थे। इसके बाद भी लिलौन में भी काफी संख्या में लोग श्रद्धांजलि के फूल लेकर खड़े हुए थे। सिपाही की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
साथी सिपाहियों की जबान पर जांबाजी
बागपत। वाजिदपुर के अंकित के साथ यूपी पुलिस की ट्रेनिंग करने वाले तुगाना गांव के कुलदीप चौहान बताता है कि अंकित मिलनसार और बेहद हौसले वाला था। हर वक्त वह साथियों की मदद करने के लिए तैयार रहता था। बड़ौत के सन्नी ने भी अंकित के साथ ट्रेनिंग की। वह कहता है कि वह हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व करता था।