बागपत। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद जिले के लोगों को उनसे उम्मीदें भी कम नहीं है। समस्याएं पुरानी हैं, लेकिन लोग उनकी तरफ टकटकी लगाए देख रहे हैं। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे, छपरौली पुल, रेलवे दोहरीकरण और नई ट्रेनें। सांसद बार-बार चुनाव से पहले हाईवे निर्माण की बात कहते रहे हैं, लेकिन अभी तक वायदा पूरा नहीं हुआ।
बासौली गांव के किसान परिवार में जन्में डॉ सत्यपाल सिंह मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहे। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के करीबियों में गिने जाने वाले सत्यपाल सिंह ने रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को हराकर लोकसभा में एंट्री की। सरकार के तीन साल बाद उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावनाएं हैं। बागपत को उनसे सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं। गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर से गुजरने वाले दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे का मुद्दा जिले की सबसे बड़ी सियासत का केंद्र है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण में आ रही परेशानी को उन्होंने दूर कराया। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने बागपत में कहा था कि इसी साल हाईवे पर काम होगा। लोगों को उम्मीद है कि कद बढ़ जाने के बाद वह हाईवे के निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर लेंगे। इसके अलावा छपरौली पुल के निर्माण में वह खुद रुचि ले रहे हैं।
बागपत में फूटने लगे लड्डू, आतिशबाजी
बागपत। शनिवार देर रात जैसे ही सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की भनक भाजपा कार्यकर्ताओं को लगी तो आतिशबाजी की गई। शहर के राष्ट्रवंदना चौक और यमुना रोड पर खुशी मनाई गई। इस दौरान अजय चौहान, डॉ देवेंद्र, संजीव ढाका, अनमोल, अनीता, अनुभव आदि मौजूद रहे।