भारत-नेपाल की अटूट मित्रता के लिए अनुष्ठान
बिनौली (बागपत)। भारत और नेपाल की अटूट मित्रता और विश्व में भाईचारे के लिए निकाली दिव्य देशम वैष्णव मंदिरों की धर्म पदयात्रा बरनावा के लाक्षा गृह पहुंची। श्री महानंद संस्कृत विद्यालय परिसर में धार्मिक अनुष्ठान कराया । इस दौरान पूजा अर्चना कर विश्व कल्याण की कामना की। इसमें भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह भी मौजूद रहे।
नेपाल के मुरलीधर दास, पुरुषोत्तम दास, रामानुजम, भूदेवी, रघुनाथ दास, रामाक्या दास सहित अन्य विद्वानों का दल जून माह में भारत के 108 दिव्य देशम वैष्णव मंदिरों की यात्रा करने निकला । इसका उद्देश्य भारतीय प्राचीन संस्कृति सभ्यता और धर्म का ज्ञान प्राप्त करना है। दल ने देश भर में स्थित इन मंदिरों में भगवान के दर्शन किए और वहां धार्मिक अनुष्ठान करके वहां से मिट्टी और आसपास प्रवाहित होने वाली नदियों का जल संग्रह किया। एकत्र किए जा रहे जल और मिट्टी को नेपाल के मुक्ति नाथ मंदिर में ले जाकर रखा जाएगा। विद्वानों ने कहा इससे नेपाल और भारत देश की संस्कृति सभ्यता को मजबूरी मिल सकेगी। पुरोहित डॉ. आसवामाद के निर्देशन में पुरोहित पीतांबर, रवि शर्मा, राम शर्मा और चिंतामणि शर्मा ने मंत्रोच्चारण के साथ अग्निहोत्र संपन्न कराया। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह और उनकी पत्नी अलका तोमर यज्ञमान रहे। इसमें आचार्य विनोद कुमार, डॉ. आत्माराम तोमर, डॉ. अमित खोखर, डॉ. पुष्पेंद्र तोमर, डॉ. कुलप्रकाश, योगेंद्र धामा, सुधीर त्यागी, सचिन त्यागी, अरुण त्रिपाल धामा, राजीव धामा, क्षितिज कुलश्रेष्ठ, अंकुर भारद्वाज, रविंद्र राठी, सूरजपाल, भास्कर दत्त शर्मा, धनपाल बैंसला, पदम सिंह, सुरेंद्र ठेकेदार आदि रहे।
मंत्रालय के लिए नहीं कराया यज्ञ : सांसद
बिनौली (बागपत)। बरनावा के लाक्षा गृह में यज्ञ के दौरान सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह मौजूद रहे। समापन समारोह में उन्होंने यज्ञ का आयोजन कराकर विद्वानों का स्वागत किया । उन्होंने कहा कुछ लोग सोच रहे होंगे कि मंत्रालय के लिए यज्ञ कराया है, ऐसा नहीं है। राष्ट्रीय नेतृत्व का फैसला मान्य होगा। अभी तक उन्हें इस बाबत कोई भी जानकारी नहीं दी गई है।