बागपत के पुराना कस्बा स्थित सुभाष गेट पर नगर पालिका की टंकी से बहता पानी।
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बागपत नगर पालिका कर्मचारी ही पानी की कीमत को नहीं पहचान रहे हैं। सोमवार को शहर के पुराना कस्बे की पानी की टंकी को केवल इसलिए खाली कर दिया, क्योंकि पाइप पर लगने वाला वॉल खराब हो गया था। उस समय टंकी में करीब 20 हजार लीटर पानी था, जिसे नालियों में बहा दिया।
महाराष्ट्र में पानी के हालतों से हर कोई वाकिफ है। बागपत जनपद डार्क जोन में है, लेकिन शहर की नगर पालिका के कर्मचारियों का अदूरदर्शी रवैया देखने को मिला। पुराना कस्बा में बनी पानी की टंकी के पाइप से पानी टपकता दिखाई दिया। कर्मचारियों ने पानी टपकने से बचाने के लिए पानी की टंकी को ही खाली कर दिया।
टंकी में 20 हजार लीटर के करीब पानी था। लोगों ने कहा इस पानी को टैंक में भरकर अन्य किसी जगह प्रयोग किया जा सकता था। ईओ सुदर्शन चंद्र ने कहा पालिका कर्मचारियों ने पानी बर्बाद किया है, इसकी जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। गौरतलब है पिछले दिनों नगर पालिका कर्मचारियों को ही टोंटी बंद करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
माह में दो से तीन बार खाली करते हैं टंकी
बागपत। क्षेत्र के श्रीनिवास चौहान, मोनू चौहान, अमित चौहान, सुदेश, श्याम चौहान, लोकेश, कुंवर अशोक चौहान ने बताया पानी की टंकी को इसी प्रकार एक महीने में दो से तीन बार खाली कर दिया जाता है। हजारों लीटर पानी को पालिका कर्मचारी बर्बाद करते हैं।