बागपत। कुपोषण को जड़ से खत्म करने के लिए अब शासन की ओर से %सुपोषित गांव’ बनाएं जाएंगे। इसके लिए दो कोर और नौ आवश्यक मानक निर्धारित किए गए है। गांव की प्रगति को 100 अंकों के आधार पर मापा जाएगा। कोर मानकों की पूर्ण अनिर्वाय होगी। मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने इसके लिए आदेशित किया है।
सरकार ने कुपोषण मुक्त गांव बनाने के लिए %सुपोषित गांव’ अभियान चलाया जाएगा। इसमें छह विभागों को कंवर्जेंस किया गया है। %सुपोषित गांव’ गांव बनाने के लिए मानक निर्धारित किए गए है। दो कोर ओर नौ आवश्यक मानक होंगे। कोर मानक आउटकम आधारित होंगे जिसका फोकस कुपोषण एनीमिया की दर में कमी लाना होगा। प्रगति को कुल सौ अंकों के आधार पर मापा जाएगा। %सुपोषित गांव’ गांव एक मॉडल गांव की तरह विकसित कराएं जाएंगे। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मानकों से परिचित कराया जाए। सुपोषित गांव नए राजस्व गांव हो सकते है या फिर पूर्व में विभिन्न विभागीय अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए राजस्व गांव हो सकते है। सुपोषित बनाने के लिए छह माह की अवधि होगी। इसे घोषित करने से पूर्व कम से कम दो माह तक उस गांव के मानकों में स्थिरता होनी चाहिए। मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने %सुपोषित गांव’ अभियान को सफल बनाने में डीएम को निर्देशित किया है। जिले को कुपोषण मुक्त बनाना मुख्य उद्देश्य है।
पोषण अभियान जन आंदोलन का किया शुभारंभ
बागपत। विकास भवन सभागार में सीडीओ की अध्यक्षता में पोषण अभियान जन आंदोलन का शुभारंभ किया। इसमें आईसीडीएस, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, शिक्षा, पंचायती राज्य, खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे है। सीडीओ पीसी जायसवाल ने सुपोषित गांव अभियान के बारे में अवगत कराया। सभी से इसे सफल बनाने की अपील की गई। डीपीओ वीना बजाज ने भी कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी तूलिका शर्मा, डीपीआरओ आलोक शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।