दोघट (बागपत)।
भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासनिक अधिकारी ने धरनारत लोगों की सुध नहीं ली। ग्रामीणों में अधिकारियों के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों ने कहा कि चर्म शोधन इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी के कारण गांव में बीमारियां फैल रही है। हर घर में दो से तीन लोग बीमार हैं। पीने का पानी भी दूषित हो गया है। दुर्गंध से लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि चर्म शोधन इकाइयों का असर ग्रामीणों पर ही नहीं बल्कि पशुओं पर भी पड़ रहा है। गांव में पशुओं में बीमारी फैल गई है। तीन पशुओं की मौत हो चुकी है। कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक चर्म शोधन इकाइयों को गांव से बाहर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस मौके पर जितेंद्र राणा, संजीव राणा, आनंद पाल, तेजपाल, राममेहर, राजीव फौजी, सुखबीर सिंह, विक्रम सिंह, कालूराम, तेजपाल, प्रविंद्र, देवेंद्र, राकेश, यशपाल, रमेश, राजेंद्र, अरविंद, सुभाष, साहब सिंह, सतबीर, राजपाल, विनोद, भोपाल आदि रहे।
पशुओं में फैली बीमारी, तीन की मौत
दोघट। भड़ल गांव में पशुओं में रहस्मय बीमारी फैली हुई है। इस कारण बुधवार को तीन पशुओं की मौत हो गई। जबकि दर्जनों पशु बीमार है। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सक को बीमारी की सूचना दी। डॉक्टरों की टीम ने पहुंचकर पशुओं का इलाज किया। विकास, जगदीश, विकास कुमार की दो गाय की मौत हो गई। विजय पाल, राजीव, बिजेंद्र, काला, सतवीर की भैंस बीमार है।