बागपत। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दलित युवती के साथ रेप की कोशिश के मामले में तीन युवकों के खिलाफ एसी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया। वहीं पुलिस ने आरोपी पक्ष की तरफ से भी पीड़ित युवती सहित आठ के खिलाफ क्रास केस दर्ज किया। पीड़ित युवती ने बताया कि कोतवाली में परिजनों के साथ पुलिस ने मारपीट की और उसकी भाभी के कपड़े तक फाड़ दिए। उन पर फैसले का दबाव बनाया। पीड़ितों ने एएसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित 18 वर्षीय युवती ने एएसपी को शिकायत कर बताया कि रविवार को वह दुकान पर शैंपू लेने गई । इसी दौरान दुकान में मौजूद तीन युवकों ने उसे अंदर खींचकर रेप करने की कोशिश की । विरोध करने पर मारपीट कर गंभीर घायल कर दिया । पीड़ित परिवार ने कोतवाली में पहुंचकर हंगामा किया । उन्होंने चार बजे कोतवाली में तहरीर दे दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। आरोप है कि उसके भाई, बहन और भाभी को अंदर कमरे में ले जाकर पुलिस कर्मियों ने पिटाई की। भाभी के कपड़े फाड़ दिए। उन पर फैसले का दबाव बनाया। रात नौ बजे उनकी तहरीर पर पुलिस ने माटू और अहमद पुत्र सुनील, बादल पुत्र देवपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप लगाया कि पुलिस ने फर्जी तरीके से आरोपी पक्ष से मिलकर उनके खिलाफ क्रास केस दर्ज करा दिया। आरोपी पक्ष की सुमन पत्नी सुशील की तहरीर पर पीड़ित युवती, उसकी मां, पिता, भाई, बहन, दो भाभी के खिलाफ कोतवाली में दुकान से सामान चोरी करने, मारपीट, धमकी देने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई। युवती घर से भी नहीं निकल पा रही है। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने मामले में निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
रेप के प्रयास का मामला संदिग्ध - सीओ
बागपत। मामले की विवेचना कर रहे सीओ दिलीप सिंह ने बताया कि युवती केे साथ रेप के प्रयास का मामला संदिग्ध है। जांच में सामने आया है कि युवती के परिवार की महिला दुकान से मुलतानी मिट्टी चोरी कर रही थी। दुकान पर मौजूद महिला ने उसे चोरी करते पकड़ लिया । इससे बचने के लिए उसने यह झूठी कहानी बनाई। फिर भी मामले की जांच की जा रही है। कोतवाली में परिवार से मारपीट और भाभी के कपड़े फाड़ने के आरोपों की जांच की जाएगी।