फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हत्या में दोषमुक्त, आर्म एक्ट में दो को सात साल की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। ढिकौली गांव में सात साल पहले हुई दलित सत्यपाल की हत्या के मामले में चार आरोपी दोष मुक्त हो गए। जबकि 25/27 आर्म एक्ट में दो अभियुक्तों को सात-सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। एडीजे स्पेशल एससी/एसटी एक्ट रमेशचंद दिवाकर की कोर्ट ने सजा सुनाई।
विज्ञापन

संयुक्त निदेशक अभियोजन कमलेश कुमार ने बताया कि 19 जून 2011 को शाम साढ़े सात बजे ढिकौली गांव में दलित सत्यपाल पुत्र नानक चंद की चार लोगों ने गोलियों से भूनकर हत्या की। वह परिवार की युवती से रेप के मामले की पैरवी कर रहा था। फैसला न करने पर उसकी हत्या की। मृतक के भाई सहंसर पाल ने गांव के ही सतीश, राजीव, सुनील, आताब उर्फ पेठा के खिलाफ चांदीनगर थाने में धारा 302 व 25/27 आर्म एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सतीश से तमंचा और आताब उर्फ पेठा से पिस्टल बरामद कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा । यह मामला एडीजे एससी/एसटी एक्ट रमेश चंद दिवाकर की कोर्ट में चल रहा था। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से 17 गवाह पेश किए । बाद में सभी गवाह पक्ष द्रोही हो गए थे। साक्ष्य न मिलने पर चारों अभियुक्तों को हत्या के मामले में दोष मुक्त किया। चारों अभियुक्त पर 25/27 आर्म एक्ट का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने पर सतीश व आताब उर्फ पेठा के खिलाफ अवैध हथियार रखने का आरोप सिद्ध हो गया। राजीव व सुनील को आर्म एक्ट में भी दोष मुक्त किया। सोमवार को इस मामले में एडीजे एसीसी/एसटी एक्ट रमेशचंद दिवाकर की अदालत में सजा के प्रश्न पर सुनवाई हुई। दोनों अभियुक्त सतीश व आताब उर्फ पेठा को सात-सात सश्रम कारावास व 10-10 हजार रूपये अर्थदंड से दंड़ित किया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें