बागपत। गौरीपुर खनन पट्टे के परिवहन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। खदान तक ट्रकों का आवागमन सोनीपत की गढ़ मिर्कपुर चौकी की बगल से शुरू कर दिया। यही नहीं रेत लदे वाहनों को बहती हुई यमुना नदी से भी निकाला जा रहा है। इससे हादसों का खतरा बना हुआ है। उधर, एसडीएम बागपत ने कंपनी को नोटिस जारी कर तीन माह तक खनन बंद रहने के दौरान तैराकों का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही पर कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।
गौरीपुर प्वाइंट पर ट्रकों के आवागमन को लेकर विवाद नहीं थम रहे है। यमुना में पानी आने से पहले नदी में कच्चा रास्ता बनाकर खनन परिवहन किया जा रहा है। इसकी शिकायत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से की। दो बार जांच हुई, रिपोर्ट एनजीटी को भेज दी। यमुना में पानी आने के बाद खनन परिवहन हरियाणा के सोनीपत की गढ़ मिर्कपुर चौकी क्षेत्र से शुरू कर दिया। सूचना पर सोनीपत प्रशासन की सख्ती के बाद परिवहन रोक दिया। इसके बाद बहती यमुना नदी से ही परिवहन का रास्ता फिर से तैयार किया। हादसों को न्योता देते हुए इसी रास्ते से रेत लदे वाहन अब भी निकाले जा रहे हैं। उधर, शुक्रवार को यमुना पुल पार कर गढ़ मिर्कपुर चौकी के पास से ही बने कच्चे रास्ते से गौरीपुर के खनन प्वाइंट तक ट्रकों की कतार लगी रही। कुछ रेत से लदे ट्रक चौकी की बगल से निकाले भी गए।
एसडीएम ने जारी किया नोटिस, तैराक करें तैनात
बागपत। एसडीएम विवेक कुमार यादव ने गौरीपुर खनन प्वाइंट की मालिक कंपनी को नोटिस जारी किया। शनिवार तक खनन प्वाइंट पर तीन तैराक, ट्यूब, टॉर्च की व्यवस्था करनी होगी। तीन माह तक खनन बंद रहने के दौरान यह व्यवस्थाएं रहेंगी, यदि इनका पालन नहीं किया तो दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। यही नहीं खनन प्वाइंट के आसपास तीन बड़े साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। यदि यह बोर्ड नहीं लगाए, तब भी कार्रवाई होगी। कंपनी को शनिवार तक प्रशासन को अवगत कराना होगा कि इंतजाम कर लिए हैं।
गौरीपुर में खनन को लेकर हो चुका संघर्ष
बागपत। गौरीपुर के खनन प्वाइंटर को लेकर संघर्ष हो चुका है। ठेकेदार और निवाड़ा गांव के ग्रामीणों के बीच संघर्ष हुआ और फायरिंग भी हुई । निवाड़ा के कई ग्रामीण अब भी जेल में बंद हैं। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में ठेकेदार और ग्रामीणों के बीच समझौता भी हुआ।