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वैदिक संस्कृति के प्रचार प्रसार का संकल्प लिया

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बिनौली (बागपत)। क्षेत्र के तेड़ा गांव में स्थित आर्य समाज मंदिर में चल रहे छह दिवसीय वैदिक पुरोहित प्रशिक्षण शिविर का रविवार को वैदिक संस्कृति के प्रचार प्रसार के संकल्प के साथ समापन हो गया। इस अवसर पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को सत्यार्थ प्रकाश और संस्कार विधि की प्रति देकर सम्मानित किया।
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जिला आर्य प्रतिनिधि सभा और आर्य समाज तेड़ा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर के समापन पर वैदिक विद्वानों ने प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि वे कोई भी संस्कार करने के साथ-साथ वैदिक संस्कृति का प्रचार प्रसार भी करने का संकल्प लें। तभी पुरोहित प्रशिक्षण शिविर की सार्थकता साबित होगी। वैदिक विद्वान डॉ. भोपाल सिंह आर्य की अध्यक्षता में हुए शिविर में आचार्य धन कुमार आर्य विद्या वाचस्पति ने उपदेश करते हुए कहा कि इस पुरोहित प्रशिक्षण का उद्देश्य समाज के अंदर से बुराई को समाप्त कर वैदिक सिद्धांतों की ओर ले जाना है। पौराणिक परंपराओं को तोड़ना और वैदिक सिद्धांतों को आगे बढ़ाना यही इस शिविर का लक्ष्य रहा है।
शिविर में प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साह के साथ संस्कार विधि की सभी विधियों को सीखा और समाज में जागृति लाने का व्रत धारण किया। शिविर में प्रशिक्षणार्थियों ने विवाह संस्कार के साथ साथ अन्य संस्कारों को भी जाना और प्रयोगात्मक दृष्टि से भी संस्कार की गहराई को जान करके समाज में जागृति लाने का संकल्प लिया। समापन के अवसर पर सभी शिविरार्थियों को सत्यार्थ प्रकाश, संस्कार विधि की एक-एक प्रति के साथ प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसमें जसवंत, राजेंद्र, नरेंद्र आर्य, कपिल आर्य, विश्व बंधु शास्त्री, अशोक कुमार, प्रमोद, प्रभात आदि ने भी विचार रखे। संचालन आचार्य करण सिंह ने किया। इसमें जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के मंत्री रिपुदमन आर्य, आर्य वीर दल के अधिष्ठाता रवि शास्त्री, आर्य समाज तेड़ा के प्रधान मास्टर समय सिंह, मंत्री हरपाल सिंह तोमर, धर्मवीर सिंह कोषाध्यक्ष, मास्टर गिरवर सिंह, राजेंद्र सिंह आदि रहे।
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