बड़ौत (बागपत)।
सीएचसी में सोमवार को चिकित्सक लंच में व्यस्त रहे, वहीं लाइन में खड़े सैकड़ों मरीज घंटों बाद मेें उपचार न मिलने के कारण बिलबिला उठे। मरीजों ने चिकित्सकों पर मनमानी का आरोप लगाकर हंगामा किया। उन्होंने डीएम और सीएमओ से हस्तक्षेप कर बड़ौत सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त करने की मांग की।
बड़ौत सीएचसी क्षेत्र में करीबन 35 से 40 गांव लगते हैं। सीएचसी में प्रतिदिन 1200 से 1300 मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। वर्तमान समय में सीएचसी में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। चिकित्सकों की मनमानी के कारण मरीजों को कई कई घंटे लाइनों मेें खडे़ रहना पड़ता हैं। उन्होंने सीएचसी परिसर में मरीजों के बैठने की समुचित व्यवस्था तक नहीं है। मरीज की पर्ची बनाने की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा सीएचसी में गंभीर बीमारी की दवा कभी मिलती नहीं है। मजबूर होकर दवा बाहर से लेनी पड़ती है। इससे क्षेत्र के मरीजों में सीएचसी के चिकित्सक के प्रति गुस्सा पनप रहा है।
सोमवार को करीब 11 बजे चिकित्सकों ने लंच के बहाने मरीज देखने का एक कमरा बंद कर दिया। दूसरी तरफ कमरे के बाहर लाइन मेें कई घंटे तक मरीज इलाज कराने के लिए लाइन मेें खडे़ रहे। इससे परेशान होकर मरीजों ने चिकित्सकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मरीजों की नारेबाजी शुरू होते ही सीएचसी के चिकित्सकों सक्रिय हो गया। उन्होंने डीएम और सीएमओ से हस्तक्षेप कर चिकित्सा सेवाएं दुरुस्त कराने की मांग की। दूसरी तरफ सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुकेश उपाध्याय का कहना था कि मरीजों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा हैं।