शौचालय के लिए ज्यादा बजट लेने पर होगी वसूली
बागपत। गांवों में जरूरत से ज्यादा शौचालय दर्शाकर बजट हडने वालों की अब खैर नहीं होगी। सीडीओ चांदनी सिंह ने इसकी जांच शुरू करा दी है। जहां भी कमी पकड़ में आएगी वहां से धनराशि रिकवरी होगी और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। घिटौरा गांव की जांच में इसकी हकीकत सामने आई।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार की और से अनुदान पर शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम प्रधान और सचिवों ने मिलकर इसमें खेल करना शुरू कर दिया है। गांवों में जरूरत से ज्यादा शौचालय बनवा दिए और बजट को हजम कर गए। बजट को डकारने के लिए पुराने शौचालयों को ही नया दर्शा दिया गया। मानक किसी भी गांवों में पूरे नहीं किए गए है। हर गांव में लाखों रुपये के बजट जारी हो चुके है। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह से खेकड़ा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और भाजपा नेता देवेंद्र गुर्जर ने अपने गांव में 37 लाख रुपये से 370 शौचालय स्वीकृत बताए थे। 90 का निर्माण होना बताया, उन्हें भी टूटने होने की बात कहीं। कहा कि मानक के अनुसार निर्माण नहीं हुआ। सीडीओ चांदनी सिंह जांच करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने जांच की तो काफी गड़बड़ी मिली। उन्होंने बताया कि जरूरत से ज्यादा शौचालय स्वीकृत कराकर बजट लिया गया है। गांव में जितनी जरूरत है उन्हें शौचालय बनेंगे। बाकी की धनराशि को रिकवरी कराने के निर्देश दिए गए है। इसके लिए गांवों में जांच कराई जाएगी। जरूरत से ज्यादा निर्माण कराने वाले गांव के प्रधान और सचिव से धनराशि वसूली जाएगी। कार्रवाई के लिए भी शासन को लिखा जाएगा।