बागपत। पत्नी और बच्ची को जहर देकर मारने के मामले में गाजियाबाद की एक अदालत शिक्षक पर आरोप सिद्ध कर दिया है। इसके बाद शिक्षक जेल में बंद है। आठ दिन बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षक पर महरबान बने हैं। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
नौ जुलाई को गाजियाबाद की एक अदालत ने शिक्षक सुधीर वशिष्ठ और उसकी मां राममूर्ति पर पांच-पांच साल की सजा और दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया । इसके बाद वह जेल में बंद है। उन पर आरोप था कि उसने अपनी पत्नी और बेटी को प्रसाद में जहर देकर मारने का प्रयास किया है। शिक्षक खेकड़ा ब्लॉक के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात है। वहीं वह बीआरसी खेकड़ा पर एबीआरसी के रूप में कार्य कर रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी भी नहीं है कि उनके विभाग के एक शिक्षक को कोर्ट ने सजा सुनाई है। आज तक उन्हें न तो बर्खास्त किया और न ही अन्य कोई कार्रवाई की। यह प्रकरण जनपद में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। वहीं भी चर्चा हो रही है कि बिना किसी कार्रवाई के वेतन भी चल रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि पूरा मामला जानकारी में नहीं है। बुधवार को उक्त शिक्षक को बर्खास्त कर दिया जाएगा। इसकी पूरी रिपोर्ट मिल गई है। तत्काल कार्रवाई होगी।