दोघट (बागपत)।
स्वामी सत्यवेश महाराज ने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवता निवास करते हैं। नारी ही यज्ञ का ब्रह्मा होती है।
उन्होंने आर्य समाज निरपुड़ा में चल रहे यज्ञ के दूसरे दिन कहा कि यज्ञ के बिना मनुष्य का कल्याण असंभव है। वेदों के मार्ग पर चलकर ही ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें पाखंडी बाबा से दूर रहना होगा। यज्ञ के ब्रह्मा भोपाल सिंह रहे। वेदपाठ कपिल आर्य ने किया। यज्ञमान ओमकार सिंह रहे। अंजली आर्या ने भजन प्रस्तुत किए। इसमें राजेंद्र आर्य, मास्टर राम कुमार, हरपाल, ब्रजपाल सिंह, हरफूल अमीन, इकबाल सिंह, पप्पू, वेदव्रत, सोमपाल राणा, देवेंद्र राणा, सत्यपाल आर्य, मास्टर हरबीर सिंह आदि उपस्थित रहे।