बागपत। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने एक बार फिर रालोद के गढ़ से सियासी गुणा भाग शुरू कर दिया है। बुनकरों के बहाने वेस्ट यूपी के सियासी मिजाज को भांपने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 30 मार्च को बागपत में होंगे। चुनाव से एन पहले भाजपा के इस बड़े सम्मेलन को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनावी रण में सटीक बिसात बिछाने में माहिर अमित शाह का कार्यक्रम फाइनल होते ही विपक्षी खेमों में भी कयास बाजी का दौर शुरू हो गया है।
बागपत रालोद का गढ़ जरूर है, लेकिन यहां पर पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा के पलटवार से सियासी सूरमा हैरान हैं। वोटरों के बदले मिजाज ने राजनीतिक दलों का मिजाज बिगड़ कर रह गया है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियां तेज होने लगी है। त्रिपुरा की सफलता से भाजपाई बेहद खुश हैं, लेकिन समीक्षकों की नजर अब यूपी के फूलपुर और गोरखपुर के उपचुनाव के नतीजों पर भी टिकी है। जहां एक तरफ भाजपा है और दूसरी तरफ सपा, बसपा, रालोद समेत पूरा विपक्ष। ऐसे में रालोद के गढ़ बागपत में तीस मार्च को अमित शाह की मौजूदगी सियासत का नया तूफान खड़ा करेगी। बागपत से वेस्ट यूपी की सियासत का मिजाज भांपने का प्रयास भाजपा के अध्यक्ष करेंगे। यहां आसपास के जिलों के विधायक, सांसद और केंद्रीय मंत्री मौजूद रहेंगे। टिकट के दावेदार भी जुटेंगे। बुनकरों को चरखे और कुम्हारों को चाक वितरित करने के बहाने राजनीति के सधे खिलाड़ी अमित शाह यह भांपने का प्रयास करेंगे कि इस क्षेत्र की राजनीति किस मोड़ पर है। बागपत के अलावा, मेरठ, गाजियाबाद, शामली, सहारनपुर, बिजनौर और मुजफ्फरनगर समेत अन्य सीटों के लिए उनका यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बहाना भले ही बुनकरों का हो, लेकिन मकसद सियासत के तीर चलाना ही होगा।
अमित शाह के सामने बुलाए जाएंगे 25 हजार बुनकर : जेपी तोमर
बागपत। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के सदस्य और आंचलित समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश तोमर ने कहा कि 30 मार्च को खादी कारीगर सम्मेलन होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने 25 जिलों के 25 हजार बुनकरों के पहुंचने उम्मीद है। अच्छे कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। बुनकरों के भविष्य के लिए योजनाओं का ऐलान किया जाएगा।
दिल्ली रोड स्थित गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि खादी ग्रामोद्योग नए आयाम स्थापित कर रहा है। देश-विदेश में खादी को पसंद किया जा रहा है। करोड़ों रुपये की आय बढ़ी है। सम्मेलन में 25 जिलों के 25 हजार बुनकर पहुंचेंगे। आयोग लगातार बुनकरों की आजीविका बढ़ाने और गांवों से पलायन रोकने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्हें घर पर ही कार्य मिले, इसके लिए प्रयास तेज है। जल्द ही हनी क्रांति मिशन चलाया जाएगा। लोगों इसके लिए जागरूक करेंगे। हनी (शहद) की बिक्री में परेशानी न हो, इसके लिए घर से ही इसकी खरीददारी कराने की योजना बनाई जा रही है। इलेक्ट्रानिक चाक और चरखों का वितरण बुनकर और कुम्हारों को किया जाएगा। उनके साथ भाजपा विधायक योगेश धामा, जिलाध्यक्ष संजय खोखर, खादी और ग्रामोद्योग के मेरठ डायरेक्टर एवं प्रभारी निदेशक आरए बुस्त्रत्त्नकर, सहायक निदेशक देवेंद्र कुमार, नरेंद्र पाल और सुरेंद्र पाल मौजूद रहे।
बुनकरों के बीच जाकर उनकी समस्या का करेंगे समाधान
बागपत। खादी एवं ग्रामोद्योग के सदस्य जयप्रकाश तोमर ने कहा कि पंजीकृत बुनकरों को योजना का प्राथमिकता से लाभ मिलेगा। इनका पंजीकरण नहीं हुआ जिस कारण उसकी पंजीकरण कराया जाएगा। उन्होंने बताया निरपुड़ा, बड़ागांव और सिंघावली अहीर गांव में सभी बुनकरों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। इसके लिए वह खुद वहां जाएंगे, उनकी जो भी समस्या होगी, उनका निस्तारण कराने का प्रयास करेंगे।
आवेदन करने में बागपत पहले स्थान पर
बागपत। प्रधानमंत्री सर्जन रोजगार योजना में 25 जिलों में आवेदन करने के मामले में बागपत नंबर एक स्थान पर है। 87 लोगों ने आवेदन किए हैं, इनमें से काफी संख्या में लोगों को रोजगार पर चले गए हैं।