बड़ौत (बागपत)।
स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ की लापरवाही से गर्भवती महिला और उसके बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद महिला के परिजनों ने सीएचसी में काफी देर तक हंगामा किया। बाद में सीएचसी अधीक्षक के समझाने के बाद परिजन दोनों शवों को लेकर गांव चले गए।
रूबिना पत्नी उस्मान भगवानपुर नांगल गांव की रहने वाली है। वह गर्भवती थी। पीड़ा होने पर परिजन उसे 101 एंबुलेंस की मदद से लेकर सीएचसी पहुंचे। सीएचसी में आते ही उसे गर्भपात होने लगा। सीएचसी में तैनात स्वास्थ्य कर्मी उसे बिना स्ट्रेचर के महिला रूम में ले गए, लेकिन हालत बिगड़ने पर सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे रेफर कर दिया। रूबिना के परिजन गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल लेकर आए, वहां बच्चे और महिला ने दम तोड़ दिया। बच्चे और महिला की मौत के बाद परिजनों ने सीएचसी में पहुंचकर हंगामा किया। इस पर सीएचसी अधीक्षक मुकेश कुमार उपाध्याय ने समझा बुझाकर महिला के परिजनों को शांत किया। बाद में परिजन दोनों के शवों को अपने गांव ले गए। सीएचसी अधीक्षक ने बताया जिस समय महिला को सीएचसी में लाया गया, गर्भपात होने पर उसका बच्चा आधा बाहर निकल आया था। इस कारण महिला और बच्चे की मौत हुई है।