बागपत। जिला प्रशासन ने दत्तनगर गांव में शौचालयों का निर्माण करा दिया, लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। डीपीआरओ के निर्देश पर हुई जांच में अधिकांश शौचालय में कहीं मिट्टी भरी मिली तो कहीं उपले। लाभार्थियों से भी बातचीत की गई, इसमें कुछ गड़बड़ी मिली। डीपीआरओ ने बताया कि चुनाव के बाद भी फिर से गांव में शौचालयों की दोबारा से जांच होगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
डीपीआरओ आलोक शर्मा ने बताया कि दत्तनगर गांव में 380 शौचालयों का निर्माण हुआ । विगत दिनों गांव में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। शिकायत की विभागीय स्तर से जांच कराई गई तो कई लापरवाही सामने आई हैं। गांव में अधिकांश ग्रामीणों द्वारा शौचालयों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। जांच के दौरान गांव में अधिकांश शौचालयों में मिट्टी से लेकर उपले भरे मिले। उन्होंने बताया कि चुनाव के बाद फिर से गांव में पहुंचकर हर शौचालयों की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी उसका उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी तरफ शिकायतकर्ता मनीष ने बताया कि गांव में शौचालयों के बनवाने में भारी गड़बड़ी की गई है। किसी भी लाभार्थी को धनराशि नहीं दी गई है। ग्राम प्रधान ने अपने स्तर से शौचालयों का निर्माण कराया जो मानक के अनुसार नहीं है। इस कारण अधिकांश शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। उधर, ग्राम प्रधान गुड्डी देवी के पति संजय कुमार ने बताया कि रंजिश के चलते कुछ लोग गांव में चल रहे विकास कार्य की शिकायत करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि शौचालय के जिस लाभार्थी ने अपना बयान दिया है, अब वह उसके पक्ष में शपथ पत्र डीपीआरओ दफ्तर में भिजवा दिया है।
ग्राम सचिव को नोटिस जारी किया
बागपत। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने शौचालय निर्माण में धीमी गति पर ग्राम सचिव राहुल तोमर को नोटिस जारी कर प्रगति लाने के निर्देशित किया। डीपीआरओ ने बताया कि शबगा में 57, कोताना में 68 और हिलवाड़ी में 12 शौचालय का लक्ष्य दिया । यहां बहुत की धीमी गति से निर्माण कराया जा रहा है। काफी संख्या में शौचालय अधूरे पड़े हैं। इसे देखकर ग्राम सचिव को नोटिस जारी किया गया है। कार्य में प्रगति के निर्देश दिए है।