बागपत। जिले में दूसरे दिन भी मिजिल्स रुबेला का अभियान चलाया गया। विशेष कैंप के दौरान स्कूलों में 27723 बच्चों को टीकाकरण किया। यूनिसेफ से आए क्षेत्रीय समन्वयक आसिफ हुसैन ने हाईरिस्क एरिया बड़ौत के विभिन्न कैंप में पहुंचकर निरीक्षण किया। कर्मचारियों से टीकाकरण की जानकारी ली।
एसीएमओ डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि दूसरे दिन भी टीकाकरण में लोगों में उत्साह दिखाई दिया। 153 टीम ने जिले के स्कूलों में 27723 बच्चों का टीकाकरण किया। किसी भी बच्चे को स्वास्थ्य पर दवा का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की शिकायत नहीं मिली है। सभी जगह स्कूल संचालक और उनके स्टॉप का पूरा सहयोग रहा है। यूनिसेफ के क्षेत्रीय समन्वयक आसिफ हुसैन ने बड़ौत के महावतपुर, बावली सहित विभिन्न कैंप का निरीक्षण किया है। मिजिल्स रुबेला में बागपत और बड़ौत ब्लॉक को हाईरिस्क घोषित किया है। उन्होंने बताया कि छोटे से छोटे स्कूलों में टीम ने कैंप लगाया गया है, जहां पर बच्चों को टीकाकरण किया।
बड़ौत (बागपत)। स्वास्थ्य विभाग का खसरा और रुबेला टीकाकरण अभियान मंगलवार को भी जारी रहा। वहीं सीएचसी अधीक्षक ने टीम के साथ नगर व क्षेत्र में चल रहे टीकाकरण अभियान की हकीकत जानी और लोगों से अपने बच्चों को टीका लगवाने का आह्वान किया।
सोमवार को सीएचसी परिसर से सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएसके मलिक और ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक सचिन मलिक ने खसरा और रुबेला टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया । पहले दिन कंडेरा व किशनपुर क्षेत्र में 55 टीमों ने 9 हजार बच्चों का टीकाकरण किया। मंगलवार को भी अभियान जारी रहा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएसके मलिक और ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक सचिन मलिक ने टीम के साथ बावली, मलकपुर आदि गांव सहित नगर क्षेत्र में लगाए जा रहे टीकाकरण की हकीकत जानी। साथ ही लोगों से अपने बच्चों को टीकाकरण कराने का आह्वान किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएसके मलिक ने बताया कि 26 नवंबर से 31 दिसंबर तक जिले में सात लाख बच्चों को विशेष अभियान चलाकर टीके लगाए जाएंगे।