बागपत। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात से फसलों को किसी तरह का नुकसान नहीं है। धान की फसल को सबसे ज्यादा लाभ होगा। खेतों में पानी भरा हुआ है। धान की फसल को अधिक पानी की जरूरत पड़ती है। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी गजेंद्र सिंह का कहना है कि धान, गन्ना और ज्वार की फसल को लाभ है, बारिश से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। चारे की फसल में अधिक दिनों तक पानी भरे रहने से आंशिक नुकसान हो सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा नुकसान होने वाला नहीं है। इसकी वजह यह है कि बगैर हवा के बारिश हुई है, इससे ईख की फसल नहीं गिरी है। किसान सुभाष नैन, सतेंद्र सिंह और प्रमोद कुमार का कहना है कि फसलों को निश्चित तौर पर लाभ हुआ है।
बाजार सूने, दुकानों पर घट गए ग्राहक
बागपत। पिछले चार दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते बाजार सूने पड़े हैं। ग्राहकों का आवागमन घट गया है। ग्राहकों की संख्या घटने से दिनभर दुकानदार खाली बैठे रहे। व्यापार संघ के अध्यक्ष नंद लाल डोगरा का कहना है कि चार दिन से हो रही बारिश से निश्चित रूप से दुकानदारों को नुकसान हुआ है। बाजार में ग्राहक ही नहीं है। सब्जी और अन्य जरूरी चीजों के अलावा ग्राहक किसी दुकान पर ही नहीं पहुंच रहे हैं। शनिवार दोपहर के बाद ग्राहकों की कुछ संख्या बढ़ी है।
चार दिन की बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड
बागपत। पिछले चार दिन की बारिश ने पिछले करीब 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कृषि विभाग में कार्यरत महेश खोखर का कहना है कि चार दिन में ही 150 मिमी से अधिक बरसात हुई है, जबकि करीब एक सप्ताह का आंकड़ा देखें तो 250 मिमी से अधिक बरसात हुई। पहले बरसात जिले के अलग-अलग हिस्सों में हुई है। बरसात ने करीब 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जुलाई माह में लंबे समय बाद लगातार इतनी बरसात हुई है।
बारिश से सड़कों में बन गए गड्ढे ही गड्ढे
बागपत। बारिश के कारण मेरठ मार्ग में गड्ढे ही गड्ढे बन गए हैं। पिछले महीने ही इस मार्ग के गड्ढे भरवाए गए थे। लेकिन चार दिन तक चली बरसात के कारण गड्ढे दिखने लगे। जिस कारण शनिवार को वाहन चालकों को मुश्किलें उठानी पड़ी। इसके अलावा दिल्ली- सहारनपुर मार्ग पर भी गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं।