बागपत। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर बनाए जा रहे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर ओवरलोड वाहन एंट्री ही नहीं कर सकेंगे। 135 किमी के टुकड़े पर बनाए जा रहे टोल वाहनों का चलते ही चलते ही वजन हो जाएगा। ओवरलोड हुए तो वाहनों को एग्जिट गेट से निकाल दिया जाएगा। प्रत्येक 20 किमी पर एंबुलेंस और क्रेन की सुविधा रहेगी।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर दो जगह मुख्य टोल होंगे। सोनीपत के कुंडली और पलवल के निकट टोल प्लाजा बनाया जा रहा है। दोनों जगह इस तरह की व्यवस्था रहेगी कि ओवरलोड वाहनों को एक्सप्रेस-वे पर एंट्री नहीं मिलेगी। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि वाहनों को एक्सप्रेस-वे से उतार दिया जाएगा। इसके अलावा वाहनों की एंट्री के लिए सात मिनी टोल प्लाजा भी बनाए जा रहे हैं। 151 पैदल पार पथ होंगे। प्रत्येक किमी बाद अलग-अलग तरह के फूल नजर आएंगे। यही नहीं सौर ऊर्जा से जलने वाली लाइटों की व्यवस्था रहेगी।
नितिन गड़करी से मिले डॉ. सत्यपाल सिंह
बागपत। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने दिल्ली में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात की। इस दौरान ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस की तैयारी को लेकर चर्चा की। इसके अलावा दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर भी मंथन किया । सत्यपाल सिंह ने बताया कि कई बिंदुओं पर बातचीत हुई है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे प्राथमिकता में शामिल है। इसका निर्माण सरकार को जल्द से जल्द पूरा कराना है। उनके साथ सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के सचिव वाईएस मलिक और एनएचएआई के चेयरमैन दीपक कुमार भी मौजूद रहे।
अभी तक तय नहीं हो सका सभास्थल
बागपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के लिए भले ही पीएमओ ने हरी झंडी दे दी हो, लेकिन अभी तक बागपत में सभास्थल का चयन नहीं किया जा सका है। एनएचएआई को अभी पर्याप्त मैदान नहीं मिला है। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार और एसपी जयप्रकाश ने भी पाली के निकट जगह के लिए दौरा किया, लेकिन अभी तक पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी है। बड़ौत में भी सभा कराए जाने पर विचार चल रहा है।