बागपत। काठा नाव हादसे के बाद भी किसान जान जोखिम में डालकर निर्माणाधीन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के सीरियों पर चढ़कर यमुना पार जा रहे है। जिलाधिकारी ने इसको गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा वहां पर बड़ी नाव की व्यवस्था की जाएगी। प्रशिक्षित नाविक रहेगा। ग्राम प्रधान से भी बात चल रही है।
काठा गांव में 14 सितंबर को हुए नाव हादसे के बाद किसानों ने अपने खेतों में जाना बंद कर दिया था। इससे उनकी फसल बर्बाद हो गई । पिछले तीन-चार दिनों से किसानों ने खेत में जाना शुरू किया । इसके लिए एक बार फिर शॉट कट रास्ता अपनाया जा रहा है। वे निर्माणधीन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के सरिया पर चढ़कर पुल पर चढ़ते हैं। इसके बाद अपने खेतों में जाते हैं। वहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। किसान मजबूरी में यह कदम उठा रहे है क्योंकि उनको निवाड़ा पुल के रास्ते खेतों में जाने के लिए 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। अमर उजाला में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई। कुछ लोगों ने डीएम से इस बाबत शिकायत भी की। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने संज्ञान लिया। उन्होंने कहा यमुना पार करने के लिए एक बड़ी नाव बनवाई जाएगी। प्रशिक्षित नाविक रखा जाएगा। साथ ही वहां पर पानी में डूबने के बचाव के उपकरण रखे जाएंगे।