फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चर्चित हितेंद्र हत्याकांड में दो अभियुक्तों पर दोष सिद्ध

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। शहर के चर्चित हितेंद्र हत्याकांड में साढ़े चार साल बाद दो अभियुक्तों पर दोष सिद्ध हो गया। इस मामले की सुनवाई द्वितीय एडीजे एससी/एसटी रमेशचंद दिवाकर की कोर्ट में हुई। सजा के प्रश्न पर 15 सितंबर को सुनवाई होगी।
विज्ञापन

एडीजीसी चश्मवीर सिंह ने बताया कि 17 जनवरी 2014 को मोहल्ला देशराज बागपत निवासी लक्ष्मीचंद पुत्र हरि राम, उसका बेटा हितेंद्र और पुत्रवधू अंजना घर पर बैठे थे। महीपाल उर्फ गोटी पुत्र फत्ते सिंह महाशय, प्रदीप उर्फ पप्पू पुत्र खजान सिंह निवासी सिसाना व छोटे लाला शर्मा पुत्र खचेडू निवासी काठा से जमीन को लेकर उनकी रंजिश चल रही थी। तीनों शाम पांच बजे के लगभग उनके घर पर आए और फैसला करने की बात कहते हुए उन्हें अपने साथ सिसाना गांव जाने के लिए कहने लगे। हितेंद्र अपने पिता व पत्नी को साथ लेकर उनके साथ सिसाना गांव के लिए चल दिए। जब वे शहर में सुभाष गेट पर पहुंचे तो वहां पर स्कार्पियों गाड़ी लेकर खड़े अजेंद्र पुत्र जबर सिंह निवासी सरधना और एक अज्ञात युवक उन्हें मिले। यहां पर पांचों का हितेंद्र से विवाद हो गया। आरोपियों ने हितेंद्र और उसके परिजनों पर गोलियां बरसा दी । हितेंद्र की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि पिता और पत्नी ने भागकर जान बचाई थी। लक्ष्मीचंद ने चार को नामजद व अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । पुलिस ने महिपाल उर्फ गोटी व प्रदीप उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस जांच में मिंटू चौहान निवासी बागपत का नाम प्रकाश में आया । पुलिस ने उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया। इस मामले की जांच सीबीसीआईडी द्वारा कराई। जांच में सीबीसीआईडी ने अजेंद्र और मिंटू चौहान को क्लीन चिट दे दी । अब तीन अभियुक्त शेष रह गए थे। यह मामला द्वितीय एडीजे एससी/एसटी रमेश चंद दिवाकर की कोर्ट में चल रहा था। बुधवार को मामले में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की तरफ से आठ गवाह पेश किए। कोर्ट में महिपाल उर्फ गोटी व प्रदीप उर्प पप्पू पर दोष सिद्ध हो गया। कोर्ट से प्रदीप को पुलिस कस्टडी में जेल भेजा। महिपाल पहले से ही जेल में बंद है। तीसरे आरोपी छोटे लाल शर्मा ने हाईकोर्ट से स्टे लिया हुआ है। उसका मुकदमा दूसरी कोर्ट में चल रहा है। सजा के प्रश्न पर 15 सितंबर को सुनवाई होगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें