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आठ घंटे बारिश बनीं आफत, 90 मिमी बारिश रिकार्ड

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बागपत। बारिश राहत के साथ आफत लेकर आई। आठ घंटे तक हुई बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई गांवों में मकान गिर गए। गलियों और घरों में पानी भर गया। कलक्ट्रेट में जलभराव से कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ी। जलनिकासी की मांग के लिए पहुंचे सरूरपुर कलां के ग्रामीणों ने पानी में खड़े होकर ही प्रदर्शन किया। खेड़की गांव में जलभराव से ग्रामीणों ने छतों पर कई घंटे बिताए। जलनिकासी का सिस्टम ध्वस्त हो गया। बागपत शहर में सड़कें भी धंस गई। लोगों ने प्रशासन से जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग रखी है। जिले में 90 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है।
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बृहस्पतिवार को सुबह करीब चार बजे से बूंदाबांदी शुरू हुई। छह बजे से दस बजे तक जोरदार बारिश हुई, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन गांव से लेकर शहर तक आफत भी खड़ी हो गई। करीब आठ घंटे की बरसात से बागपत शहर की गलियां नाले में तब्दील हो गई। शहर के पुराना कसबे में दो मकानों की दीवारें गिर गई। यही नहीं कई स्थानों पर इंटर लॉकिंग से बनीं सड़क भी धंस गई। सरूरपुर और खेड़की में समस्या विकराल हो गई। जलनिकासी न होने के कारण घरों में पानी घुस गया। ग्रामीण घरों में कैद हो गए। कई परिवारों ने कई घंटे छतों पर भी बिताए।
सरूरपुर के नाराज ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन कलक्ट्रेट में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से यहां भी जलभराव की स्थिति रही। ग्रामीणों ने पानी में खड़े होकर ही प्रदर्शन किया। कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ी। छपरौली क्षेत्र में राजकीय बीज भंडार में पानी भर गया। हेवा और सिनौली गांव में जलभराव की समस्या रही। कई गांवों में मकान गिर गए। चांदीनगर क्षेत्र के गांवों में भी तालाब ओवर फ्लो होने से समस्या उत्पन्न रही। दाहा क्षेत्र के गांवों में सड़कों से लेकर गलियों में पानी भर गया। ग्रामीणों को परेशानी हुई। दोघट क्षेत्र के सभी गांवों में बारिश से समस्या उत्पन्न हो गई। जलभराव से लोगों को जूझना पड़ा। पिलाना और अमीनगर सराय क्षेत्र के प्रत्येक गांवों में जल भराव ने लोगों को टेंशन दी।
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अग्रवाल मंडी टटीरी क्षेत्र में बारिश के कारण जलभराव हो गया। बिजली दफ्तर, कृषक सेवा सहकारी समिति में जलभराव हो गया। जलभराव की समस्या से प्रत्येक गांवों में समस्या उत्पन्न रही। काठा गांव में ग्रामीणों ने पंप लगवाकर घरों से पानी निकाला। पाली गांव में भी यही हालात रहे। रटौल गांव में ग्रामीणों को परेशानियां झेलनी पड़ी। कंडेरा गांव की गलियों में पानी भर गया।

बीडीओ के साथ खेड़की गांव में हुई नोकझोंक, बागपत में भी हंगामा
बागपत। सरूरपुर कलां गांव में जल निकासी न होने के कारण बारिश से परेशानी खड़ी हो गई। लोगों के घरों में पानी घुस गया। गली मोहल्ले में जलभराव हो गया। इससे क्षुब्ध होकर ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे, यहां नारेबाजी और प्रदर्शन किया। उपस्थित कर्मचारियों को शिकायत कर समस्याओं से निजात दिलाने की मांग। उसके बाद डीडीओ हुब लाल का घेराव किया। उन्हें समस्या बताई। जिसके बाद उन्होंने बीडीओ बागपत अमित कुमार को मौके पर पहुंचा। उन्होंने सरूरपुर कलां और खेड़की गांव पहुंचकर निरीक्षण किया। खेड़की गांव में जलनिकासी कराने के लिए नाले के पास व्यवस्था कराने लगे तो लोगों ने इसका विरोध किया। कहा इससे उनके मकानों में दरार आने का खतरा है। हंगामा बढ़ा तो उन्होंने चौकी पुलिस को मौके पर बुलवाया। वहां से पानी निकासी कराई। इसके बाद सरूरपुर कलां गांव पहुंचे यहां उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया। खेकड़ी गांव में राधेश्याम, प्रधान शांति देवी, राज कुमार, प्रेम शर्मा, राम अवतार शर्मा, सहीराम के घरों में पानी घुस गया। मवी कलां गांव में राज कुमार, मुकेश, कृष्ण कुमार, कंवर पाल, लोकेंद्र, ओमपाल, ओमप्रकाश, सत प्रकाश, कालूराम, टेकराम, सुरेश पाल के तालाब ओवर फ्लो होने के कारण घरों में पानी घुस गया है। वहीं बागपत की नई बस्ती में बारिश के कारण इंटर लॉकिंग टाईल्स मार्ग नीचे धस गया। इससे लोगों को परेशानी हुई। नगर पालिका के खिलाफ हंगामा किया। इरशाद, शाजिदुल्ला, दिनेश नारायण, अब्दुल मौजूद रहे।

बारिश होने के कारण स्कूल नहीं पहुंचे बच्चे
बागपत। सुबह के समय हुई मूसलाधार बारिश के कारण जिले के अधिकांश स्कूलों में विद्यार्थियों के न पहुंचने के कारण अवकाश जैसी स्थिति रही। सभी शिक्षण संस्थाओं में बच्चे बेहद कम रहे। मूसलाधार बारिश के कारण विभागों के कर्मचारी भी दफ्तरों में पहुंचे। कलक्ट्रेट में अधिकांश विभागों में कर्मचारी नदारद रहे। बारिश के कारण विभागीय कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा।

जिले में एक सप्ताह 200 मिमी बारिश हुई
बागपत। कृषि विभाग के अनुसार जिले में विभिन्न स्थानों पर एक सप्ताह 200 मिमी से अधिक बारिश हुई है। जबकि बृहस्पतिवार को 90 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। अभी मौसम खराब रहेगा। आगामी चार दिन भी बारिश होने की उम्मीद की जा रही है।

बिजली-इंटरनेट व्यवस्था रही प्रभावित
बागपत। जिले में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बिजली और इंटरनेट व्यवस्था प्रभावित रही। लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। बारिश के रुकने के बाद ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने व्यवस्था को दुरुस्त करा दिया गया। इंटरनेट व्यवस्था भी बारिश के बाद सही गई । एसडीओ राणा प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ गांवों में बिजली की समस्या उत्पन्न हो गई । बारिश रुकने के बाद सही करा दिया गया। कोई बड़ा फाल्ट नहीं हुआ है।

स्कूल की दीवार गिरी
बागपत। चांदीनगर मार्ग स्थित महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल में बारिश के कारण दीवार की गई। इससे स्कूल को काफी नुकसान पहुंचा। स्कूल प्रबंधक मनोज कुमार चौहान ने कहा कि स्कूल के पीछे जलभराव हो गया था, जिस वजह से दीवार गिर गई है। इससे काफी नुकसान पहुंचा है।

कलक्ट्रेट में बने गड्ढों में गिरे वाहन
बागपत। कलक्ट्रेट में हुए जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी हुई। पानी निकासी के लिए बनाए गए हॉल में कई गाड़ी गिर गई। कई बाइक चालक भी नालियों में गिर गए। आते-जाते लोग भी नाली में गिर गए।

फसलों के लिए सोना, अभी बारिश के आसार
दाहा । लोगों के लिए आफत बनीं बारिश से किसानों को राहत मिलेगी। जोरदार बारिश से गन्ने और धान की फसलों को लाभ होगा। हालांकि जलभराव से चारे की फसल को नुकसान होगा।

नाले की सफाई कराने की मांग
दाहा । दाहा गांव में नाले की सफाई न होने के कारण ग्रामीणों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। घरों में पानी घुस रहा है। इसमें गांव के प्रदीप, बिजेंद्र, जितेंद्र, राजेंद्र, हरपाल, ऋषिपाल, राज सिंह, देवेंद्र आर्य, महावीर सिंह ने प्रशासन से नाले की सफाई कराने की मांग की।

तालाबों पर कब्जे, जलनिकासी की व्यवस्था चौपट
छपरौली। अधिकतर गांवों में लोगों ने तालाबों पर कब्जे कर लिए गए हैं। इस कारण अधिकांश गांवों में जलनिकासी की व्यवस्था चौपट रही। इस वजह से अधिकतर गांवों में लोगों को जलभराव की समस्या परेशानी उठानी पड़ रही है। क्षेत्र में बारिश से लोगों को राहत मिली, लेकिन जलनिकासी नहीं होने के कारण परेशानी भी उठानी पड़ी। सरकारी भवनों में बारिश का पानी भर गया। सरकारी स्कूलों में भी जलभराव की स्थिति रही। कब्जे में सैकड़ों दुकानों और मकानों में बारिश का पानी घुस गया। इससे लोगों को काफी नुकसान हो गया।
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