बागपत। बागपत लोकसभा सीट से अगर अजित सिंह के बजाए जयंत चौधरी चुनाव लड़ते हैं तो यह पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार की तीसरी पीढ़ी होगी, जो बागपत में किस्मत आजमाएगी। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह, उनके बेटे चौधरी अजित सिंह और अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी बागपत से चुनावी रण में होंगे।
सियासी पारी का आगाज करेगी चारू
बागपत। उम्र का हवाला देकर जिस तरह चौधरी अजित सिंह ने लोकसभा चुनाव 2019 नहीं लड़ने पर सस्पेंस पैदा कर दिया है, उससे यह संभावना बन गई है कि जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी सियासी पारी का आगाज करेंगी। चारू को मथुरा से चुनाव लड़ाया जा सकता है। इससे पहले चौधरी अजित सिंह की मां गायत्री देवी कैराना से सांसद रह चुकी है। यही नहीं उनकी बहन छपरौली से विधायक रही है।
मुजफ्फरनगर में चुनावी जमीन तलाश रहे अजित सिंह के भरोसेमंद
बागपत। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिह के बयान से भले ही साल 2019 में चुनाव लड़ने पर सस्पेंस पैदा हो गया हो, लेकिन रालोद अध्यक्ष की भरोसेमंद टीम मुजफ्फरनगर में डेरा डाले हुए हैं। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि यदि वह मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ेंगे तो क्या संभावना रहेगी। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की मुजफ्फरनगर के नंगला मंदौड और जौला में 27 जुलाई को सभा है। यह वही क्षेत्र हैं, जहां दंगा हुआ था।
समर्थकों ने कहा कि चुनावी मैदान नहीं छोड़ने देंगे
बागपत। चौधरी अजित सिंह के बयान के बाद यह चर्चा फैल गई कि वह राजनीति से संन्यास भी ले सकते हैं। समर्थकों ने कहा कि चौधरी अजित सिंह किसान नेेता हैं। उन्हें हर हाल में चुनाव लड़ाया जाएगा। रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने कहा कि चौधरी अजित सिंह सक्रिय राजनीति में रहेंगे। उनके बयान के गलत अर्थ निकाले जा रहे हैं।