बड़ौत (बागपत)। आर्य समाज मंदिर रेलवे रोड पर यज्ञ हुआ। यज्ञ के ब्रहा अगिरस मुनि और यज्ञ मान राजकुमार आर्य रहे। प्रीतम सिंह ने कहा कि यज्ञ सृष्टि का सर्वश्रेष्ठ कर्म है और हमारे मुनियों की श्रेष्ठ खोज है। यज्ञ में वेदमंत्रों के उच्चारण से दुनिया के सबसे पुराने साहित्य से संपर्क बना रहता है। वातावरण की शुद्धि के लिए यज्ञ पूर्ण रूप से समक्ष है। प्रत्येक संस्था मेें प्रतिदिन यज्ञ होने चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी को इससे होने वाले लाभों की जानकारी हो सके। इसमें ओमवीर सिंह, जसवीर मलिक, ओमपाल राठी, राजपाल सिंह, राज कुमार आर्य, विनोद भारद्वाज, रणतेज बहादुर, अरुण आर्य, जयप्रकाश आर्य, डॉ. हरपाल सिंह, मित्रमुनि, कृष्णपाल, सुखपाल, गुलाबचंद, मोहन, रामबली, सत्यपाल पथौलिया आदि रहे।