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सफेद हाथी साबित हुई त्वरित पेयजल योजना

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दोघट (बागपत)।
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चौगामा क्षेत्र में 1985 में केंद्र सरकार की त्वरित पेयजल योजना के तहत 40 गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दाहा, भड़ल, गैडबरा, मुलसम, मौजिजाबाद नागंल, बामनौली गांव में छह टंकी का निर्माण कराया था। पाइप लाइन द्वारा इन टंकियों से क्षेत्र के 40 गांवों को पीने का पानी उपलब्ध कराया। वर्तमान समय उक्त टंकी सफेद हाथी साबित हो रही हैं।
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वर्ष 1985 में लागू व्यवस्था क्षेत्र में पूरी तरह से क्षति ग्रस्त हो चुकी है। 40 गांवों की जगह अब मात्र पांच गांव में भी पूर्ण रूप से पीने का पानी नहीं पहुंच रहा है। सभी पाइप लाइन लीकेज हैं। ओवर हैड टेंक इतने पुराने हो चुके है कि वह कभी धराशायी हो सकते हैं। इन टंकियों का अब कोई मतलब रह नहीं गया है। बामनौली में पिछले साल पुरानी टंकी बंद कर नयी टंकी का निर्माण कराया। दाहा, भड़ल, गैडबरा, मुलसम, मौजिनाबाद नागंल में वही पुरानी टंकी काम कर रही हैं। वर्तमान समय में जल निगम के अधिकारी बड़ा रिस्क लेकर इन्हें चलवा रहे हैं। ओवर हैड टेंक की गारंटी 15 साल होती है। इन्हें तो 33 साल हो गए। अब इनकी गारंटी नहीं रही है। वहीं पलड़ी, बामनौली, गांगनौली, निरपुड़ा, पुसार में ग्राम पंचायत स्तर पर पिछले वर्ष पेयजल टंकियों का निर्माण हुआ है। पाइप लाइन बहुत खराब डाली गई है। पानी छोड़ते ही फट जाती है। पलड़ी, निरपुड़ा और पुसार में टंकी को हैंड ओवर नहीं किया गया है। ग्राम प्रधानों ने कहा कि टंकी निर्माण में घटिया सामग्री लगाई गई है। आए दिन टंकी खराब रहती है। हैंड ओवर करने से नुकसान होगा।
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