बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण में तेजी के कारण कई खामियां भी सामने आने लगी है। यूपी सरकार से एनओएसी मिलने के बाद स्टेट हाइवे 57 को नेशनल हाइवे 709बी का दर्जा दिया जा चुका है, लेकिन पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के प्रत्येक सूचना पट पर इसे अभी भी एसएच-57 ही लिखा जा रहा है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से ही इसका निर्माण कराया जाएगा। करीब 20 किमी तक प्रत्येक जगह इसे एसएच 57 ही दर्शाया गया है।
वेस्ट यूपी के चार जिलों से होकर गुजरने वाले दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को यूपी सरकार से एनओसी मिल जाने के बाद 23 नवंबर को इसका नोटिफिकेशन कर दिया गया था। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह के प्रयास से बनवाए जा रहे मार्ग का निर्माण अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय कराएगा । इसका नाम भी स्टेट हाइवे 57 की जगह नेशनल हाइवे 709बी कर दिया, लेकिन एनएचएआई ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर जो किमी और दिशा सूचक बोर्ड लगाए हैं, इनमें इसे एसएच-57 ही लिखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे।
बागपत में 51 किमी तक बनेगा हाइवे
बागपत। दिल्ली-यमुनौत्री हाइवे का निर्माण फाइलों में दर्शाकर 455 करोड़ रुपये डकार लिए गए थे। हकीकत में गाजियाबाद से लेकर सहारनपुर तक स्टेट हाइवे में जगह-जगह पैबंद (टुकड़ी) लगी है। बागपत के करीब 51 किमी के टुकड़े से गुजरना दुश्वारियों से भरा है। पहले उपशा को इसका निर्माण कराना था, लेकिन अब एनएचएआई ही इस हाइवे का निर्माण भी कराएगा।
मवी कलां में बनने लगे मिनी टोल प्लाजा
बागपत। मवी कलां गांव में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के कट पर मिनी टोल प्लाजा का निर्माण शुरू हो गया है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने वाले वाहन इन्हीं मिनी टोल प्लाजा के जरिए एंट्री करेंगे।
एक्सप्रेस-वे पर दौड़ने लगे वाहन
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से मवी कलां कट से वाहन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर चढ़ रहे हैं और यहां से हरियाणा के कुंडली तक उड़ान भर रहे हैं। एक साइड से वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। सोमवार को भी वाहनों का खूब आवागमन रहा।