बागपत। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब 11 दिन शेष है, लेकिन 43 विभागों ने विकास के लिए मिले करोड़ों रुपये खर्च नहीं किए हैं। ऐसे बजट के करीब 350717871 लाख होने का अनुमान है। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने नाराजगी जाहिर की। सभी विभागाध्यक्षों को वित्त वर्ष में बची हुई धनराशि को खर्च करने के निर्देश दिए हैं।
शासन से सभी विभागों को लाखों रुपये का बजट जारी होता है, ताकि वह अपने अपने विभाग से संबंधित कार्य को सही प्रकार से करा सकें। जिले के 43 विभाग ऐसे हैं, जिस पर 350717871 रुपये का बजट है, लेकिन इन्हें विकास कार्यों के लिए खर्च नहीं किया। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र 11 दिन शेष रह गए है। जिला कोषाधिकारी ने विभागों को जारी होने वाले बजट की समीक्षा की, इसमें 43 विभाग मिले। जिन पर करोड़ों रुपये बजट उनके पास है, जिसको खर्च नहीं किया। डीएम को संबंधित 43 विभागों की सूची को सौंपी। जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने नाराजगी जताकर। संबंधित विभागों के अधिकारियों को पत्र जारी कर समय पर खर्च को खर्च करने के निर्देश दिए है।
इन विभागों ने नहीं किया बजट खर्च
आबकारी विभाग, उद्योग केंद्र, उद्यान, कृषि, पशुपालन, कलक्ट्रेट, ग्रामीण विकास विभाग, विकास विभाग, ग्राम्य प्रशिक्षण विभाग, डीपीआरओ, युवा कल्या, सहकारी समिति, आपूर्ति विभाग, उपभोक्ता फोरम, खेलकूद विभाग, गन्ना विभाग, कारागार, पुलिस विभाग, अभियोजन विभाग, सीएमओ, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी चिकित्सा, होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, अर्थ व्यवस्था अधिकारी, निर्वाचन अधिकारी, परिवार न्यायालय, जिला जज, परिवहन विभाग, पालीटेक्निक, अल्पसंख्यक कल्याण, कार्यक्रम, प्रोबेशन अधिकारी दफ्तर भी मौजूद रहे।