चांदीनगर (बागपत)। रटौल गांव स्थित मसीहुल उलूम मदरसे में मंगलवार को सालाना इज्तमा का आयोजन किया । उलेमा ने तकरीर में कहा कि लड़कियों को दीनी के साथ दुनियावी तालीम दिलाई जानी चाहिए। आपसी भाईचारा भी बनाएं रखे।
इज्तमे में दूर दराज से उलेमा और अकीदतमंदों ने शिरकत की। मेरठ के उलेमा मुफ्ती खालिद ने कहा आज के समय में लड़कियों को शिक्षा दिलाना बेहद जरूरी है। अगर लड़कियों को शिक्षा दिलाएंगे तो परिवार शिक्षित होगा तथा परिवार के शिक्षित होने से देश शिक्षित होकर तरक्की की राह पर चलेगा। उन्होंने कहा कि इस्लाम में चुगलखोरी करने को गलत बताया । इस्लाम भाईचारे का पैगाम देता है, किसी के साथ अभद्रता और दुर्व्यवहार करना भी गलत है। धर्म हमेशा आपसी सौहार्द बनाए रखने की सीख देता है। इज्तमे के समापन पर देश व जनता के लिए अमनो अमान की दुआएं की गई। उलेमा मुफ्ती जुबैर, अलाउदीन और शकील ने भी तकरीर दी। इज्तमा में बच्चों ने धर्म से जुडे़ रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। इसमें डॉ. जाकिर हसन, मुबस्सिर चौधरी, हाजी रियासत अली, सुल्तान चौधरी, जरार, युनुस चौधरी, साहिद का सहयोग रहा।
उर्स को बदनाम करने की कोशिश
चांदीनगर (बागपत)। रटौल में लगने वाले मेले के सचिव डॉ. सिराजूद्दीन अहमद ने कहा कि उर्स को बदनाम करने और यहां पर औछी राजनीति करने की कोशिश की गई। उर्स भारतीय संस्कृति की धरोहर है, इससे आपसी भाईचारा पैदा होता है। धर्म गुरू और उलेमा ने मोहब्बत का पैगाम दिया है। कुछ मसलों में समाज को बांटने की साजिश की जा रही है। कभी शिया-सुन्नी, देवबंदी, बरेलवी, तबलीगी जमात और देवबंद तहरीक में बांटने की कोशिश होती है। वक्फ चिश्ती के सदस्य हाफिज तनजीफ कुरैशी और जमशेद अहमद ने कहा मेले में न कोई वारदात हुई, लेकिन मेले से जोड़ने की नाकाम कोशिश की गई है।