बिनौली (बागपत) ।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते आलू किसान बर्बादी के कगार पर है। निजी मिल मालिकों की मनमानी के कारण गन्ना भुगतान लटका हुआ है।
वे सोमवार को जिवाना गुलियान गांव में नीलकंठ आश्रम में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार में गन्ना मंत्री भी हमारे क्षेत्र के हैं, लेकिन उनके प्रयासों के बाद भी किसानों को गन्ना भुगतान नहीं मिल रहा है। निजी क्षेत्र की बजाज और मोदी की मिलों के अधिकारी ज्यादा मनमानी कर रहे हैं। जिन पर सरकार का कोई अंकुश नहीं है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने किसानों के नलकूप और घरेलू बिजली दरों में अत्यधिक वृद्धि करके गलत फैसला लिया है। प्रदेश का आलू किसान सरकार की गलत नीतियों के चलते बर्बादी के कगार पर है। अकेले आगरा जनपद में 40 से अधिक आलू उत्पादक किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इनमें से अधिकतर ऐसे हैं जिन्होंने उगाही पर जमीन लेकर आलू की फसल उगाई थी। किसानों से जुड़े और अन्य मुद्दों को लेकर भाकियू जल्द आंदोलन की घोषणा करेगी। उन्होंने कहा प्रदेश और राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।