यज्ञ सृष्टि का सर्वोत्तम कर्म: समर भानू
बड़ौत (बागपत)।
आर्य समाज मंदिर में यज्ञ का आयोजन किया। इसमें आर्य जनों ने आहुतियां डालकर राष्ट्र एवं समाज के कल्याण की कामना की।
इस मौके पर आचार्य समर भानु ने कहा कि यज्ञ सृष्टि का सर्वोत्तम कर्म है। यज्ञ को वातावरण शुद्धि का परिचायक माना जाता है, परंतु यज्ञ बहुउद्देशीय कर्म है। यज्ञ प्रदूषण शुद्धि के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, वायु प्रदूषण शुद्धि, कृषि में सहायक तथा प्राचीन संस्कृति के मूल्यों से जुड़ा है। यज्ञ प्रदूषण को दूर कर समस्त वातावरण को साफ सुथरा स्वस्थ रखता है। यज्ञ मान मित्रमुनि रहे। इसमें प्रीतम सिंह वर्मा, अंगिरस मुनि, रणतेज बहादुर, रामबली राणा, मोहन पाल, विनोद भारद्वाज, डॉ. ओमवीर सिंह, मोहन पाल, राज कुमार, आर्य गुलाब चंद, रितिक आर्य, अंकित आर्य, राजेंद्र कुमार, जयप्रकाश आदि रहे।