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कहीं त्रिकोणीय मुकाबले तो कहीं सीधी टक्कर

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बागपत। प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो चुका है। वोटरों की चाल ने सबके गणित बिगाड़ दिए हैं। बागपत, बड़ौत पालिका के अलावा अधिकतर जगह त्रिकोणीय मुकाबला है। जबकि खेकड़ा और अमीनगर सराय में सीधी टक्कर हुई। मतदाताओं के मिजाज से प्रत्याशी भी हैरान है। उनके समर्थक गुणा भाग में जुटे हैं।
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मतपेटियां स्ट्रांग रूम में रखी जा चुकी है। एक दिन के इंतजार के बाद नतीजे सामने होंगे। बुधवार को वोटरों की चाल से प्रत्याशियों के खूब पसीने छूटे। बागपत में मुस्लिम मतों के बंटवारे से प्रत्याशी सिर्फ दावों में जुटे हैं। पुराने कसबे के वोटर नतीजों के केंद्र में होंगे। बागपत पालिका में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। बड़ौत में मुख्य प्रत्याशी सिंबल पर चुनाव लड़े। सियासत के गढ़ मेें तनाव दिनभर चरम पर देखने को मिला। वोटरों ने यहां ऐसा गणित उलझा दिया है, तो सिर्फ नतीजों से ही सुलझेगा। मुकाबला त्रिकोणीय रहा और नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं। खेकड़ा और अमीनगर सराय में दो प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर साफ नजर आई। छपरौली, दोघट, अग्रवाल मंडी टटीरी और टीकरी के मतदाता भी ऐसी चाल चले, जिससे प्रत्याशियों का गणित बन और बिगड़ रहा है। यहां त्रिकोणीय मुकाबले हुए हैं।

बागपत में कितना खिलेगा कमल
बागपत। निकाय चुनाव राजनीतिक दलों की साख का सवाल बन गया है। बड़ौत में रालोद, भाजपा और बसपा ने ताकत झोंक दी। सपा और कांग्रेस ने भी प्रत्याशी उतारे। बागपत में भाजपा ने सिंबल पर चुनाव लड़ा। बसपा और सपा ने भी प्रत्याशी उतारे, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी भी यहां दावा मजबूत किए हैं। यहां राजनीतिक दलों की साख का सवाल बना हुआ है। अमीनगर सराय, खेकड़ा, छपरौली, अग्रवाल मंडी टटीरी में भाजपा ने सिंबल पर चुनाव लड़ा। देखने वाली बात यह होगी कि केंद्र और यूपी में सत्ता संभाल रही भाजपा को बागपत के निकाय के वोटर कितना मौका देते हैं, जबकि वापसी की जद्दोजहद में जुटे रालोद को क्या हासिल होता है।
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हकीकत बंद, जीत का दावा सबका
बड़ौत। नगर निकाय चुनाव के बुधवार को हुए मतदान के दौरान मतदाताओं ने अपने चेयरमैन व अपने-अपने वार्डों के सभासद को चुन लिया है। उनके नाम की मुहर लगाकर मतदाता पेटी में डाल दी है। अब उनकी किस्मत का फैसला एक दिसंबर को होने वाली मतगणना के बाद होगा। उधर सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा ठोक रहे हैं।
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