बागपत। अल्पसंख्यक विभाग अब 10 रुपये के स्टांप पर मदरसों को मान्यता नहीं देगा। इसके अलावा जो मदरसे संचालित हैं, उन्हें भी सभी दस्तावेज विभाग में जमा कराने होंगे। मदरसा बोर्ड की साइट पर रजिस्ट्रेशन कराना भी अनिवार्य है। किरायानामा और वक्फ बोर्ड में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
जमीन किराए पर लेकर और अल्पसंख्यक विभाग में 10 रुपये के स्टांप पर प्रक्रिया पूरी कर मदरसों को मान्यता दी जा रही थी। अब ऐसा नहीं होगा। जिले में 43 मदरसों की मान्यता पर भी खतरा मंडराने लगा है। इनके संचालकों को भी सभी शर्तों को पूरा करना होगा। ऐसा न करने पर मान्यता रद होगी। दान दी हुई जमीन पर संचालित मदरसों को अपने सभी दस्तावेज विभाग में जमा करने होंगे। मान्यता का नवीनीकरण कराना होगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद तारिक ने बताया कि मान्यता के लिए पहले 10 रुपये के स्टांप पर ही मदरसों को मान्यता दी गई है। जो किराए के भवन में मदरसे चल रहे हैं तो उसका किरायानामा और उसे वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड कराना जरूरी होगा। 30 साल का पट्टा पर संचालित मदरसों को भी मान्यता मिल जाएगी।
रजिस्ट्रेशन के लिए अंतिम तिथि 15 सितंबर
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद तारिक ने मान्यता प्राप्त तहतानिया, फौकानिया, आलिया मदरसों को मदरसा शिक्षा परिषद के नवीन पोर्टल पर रजिस्टर करना है। जिसकी अंतिम तिथि 15 सितंबर है।